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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से रक्षाबंधन से पहले मिली आर्थिक सहायता
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समूह के माध्यम से मछलीपालन कर सशक्त हुई महिला
✍️ विशेष संवाददाता
बस्तर | बस्तर जिले के ग्राम भैंसगांव की निवासी सतबत्ती कश्यप के लिए राज्य शासन की महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से प्राप्त होने वाली सहायता राशि का उपयोग वे न केवल अपनी घरेलू जरूरतों और बच्चों की शिक्षा के लिए कर रही हैं, बल्कि अपनी पुत्री दीपिका के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रख रही हैं। सतबत्ती ने इस राशि से डाकघर में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अपनी बेटी के नाम पर बचत खाता खुलवाया है, ताकि भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके।
बचत और सशक्तिकरण
सतबत्ती कश्यप ने रक्षाबंधन के पर्व से पूर्व सहायता राशि हस्तांतरित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने शासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि समय पर मिली इस राशि से त्योहार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। योजना की राशि से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है और बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत करना अब संभव हो पा रहा है।
समूह से आत्मनिर्भरता
सतबत्ती वर्ष 2010 से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। वे समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर क्षेत्र के हाट-बाजारों में वनोपज संग्रहण, खरीदी और बिक्री का कार्य सफलतापूर्वक कर रही हैं। इसके अतिरिक्त वे गांव में ही उचित मूल्य की दुकान का संचालन भी कर रही हैं। इन सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से समूह की सदस्यों को नियमित रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
मछलीपालन से आय
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सतबत्ती ने स्व सहायता समूह से ऋण लेकर अपनी पारिवारिक भूमि पर निर्मित डबरी में मछलीपालन का व्यवसाय प्रारंभ किया है। इस व्यवसाय से उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। बिहान समूह से प्राप्त वित्तीय सहायता और उचित मार्गदर्शन ने उन्हें आय के वैकल्पिक साधन विकसित करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है।









