रायपुर ।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने दोनों कथावाचकों की संपत्ति, उनके द्वारा खोले जा रहे अस्पतालों और उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को सीधे तौर पर ‘भाजपा का एजेंट’ करार दिया और उन्हें छत्तीसगढ़ के स्थानीय साधु-संतों के साथ शास्त्रार्थ करने की चुनौती भी दी।
‘झाड़-फूंक से इलाज होता है तो अस्पताल क्यों?’
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ ये लोग दिव्य दरबार लगाते हैं, झाड़-फूंक करते हैं और दावा करते हैं कि इससे लोग ठीक हो रहे हैं। अगर इनके दरबार से ही लोग स्वस्थ हो रहे हैं, तो फिर ये बड़े-बड़े हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज क्यों खोल रहे हैं? बघेल ने कहा कि ये लोग आज सरकारी जहाजों में घूम रहे हैं और करोड़ों-अरबों के मालिक बन गए हैं।
पवन दीवान और स्थानीय कथावाचकों का दिया उदाहरण
भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित कथावाचक और पूर्व मंत्री रहे पवन दीवान का जिक्र करते हुए दोनों की तुलना की। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े कथावाचक पवन दीवान जी रहे हैं। वे मंत्री, सांसद और विधायक भी रहे, जिंदगी भर कथावाचन किया, लेकिन आज उनके आश्रम के हालात देख लीजिए। हमारे छत्तीसगढ़ में बहुत से कथावाचक हैं जो भगवत भजन करते हैं, लेकिन अपना घर या आश्रम बहुत मुश्किल से चला पा रहे हैं। दूसरी तरफ इन धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा की स्थिति देख लीजिए।”
‘जब शास्त्री का जन्म नहीं हुआ, तब से पढ़ रहे हनुमान चालीसा’
सनातनी होने के दावे पर पलटवार करते हुए बघेल ने कहा कि “जब धीरेन्द्र शास्त्री का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से हम हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ कर रहे हैं। वो हमें सिखाएंगे कि सनातन धर्म क्या है?” उन्होंने अपने निजी जीवन का हवाला देते हुए कहा कि उनके ससुराल में ही 5 साधु हैं, जो इनकी तरह ढोंगी नहीं हैं।
धीरेन्द्र शास्त्री को खुली चुनौती
भूपेश बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े महापुरुष और ज्ञानी साधु-महात्मा हैं। शास्त्री जी हमारे मठ-मंदिरों में बैठे साधु-महात्माओं के साथ शास्त्रार्थ करके दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री भाजपा के एजेंट के रूप में काम करते हैं और यही उनका धंधा है।









