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ईडी विधानसभा की सूची देखकर काम नहीं करती: भाजपा विधायक अजय चन्द्राकर

छत्तीसगढ़ बोरे-बासी घोटाला

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रायपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व विधायक अजय चन्द्राकर ने शनिवार को अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) केंद्र सरकार की एक स्वतंत्र एजेंसी है और वह अपने तथ्यों, तर्कों व सबूतों के आधार पर ही कार्य करती है। उन्होंने कहा कि ईडी किसी भी विधानसभा की कार्यसूची को देखकर अपना काम नहीं करती, इसलिए उनकी कार्यशैली पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है।

कांग्रेस शासन के घोटालों के आरोपियों को नहीं मिली जमानत

विधायक अजय चन्द्राकर ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घपलों और घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें गिरफ्तार हुए किसी भी आरोपी को अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुछ लोगों को दो-तीन साल बाद जमानत मिली भी है, तो उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। श्री चन्द्राकर ने जोर देकर कहा कि यदि एजेंसियां गलत कर रही होतीं तो न्यायालय নিশ্চয় ही हस्तक्षेप करता, इसलिए सभी को देश की न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो निर्दोष हैं, उन्हें किसी भी प्रकार से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है।

विधायकों की समिति करेगी बोरे-बासी घोटाले की जाँच

भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता अजय चन्द्राकर ने बहुचर्चित बोरे-बासी घोटाले से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं ही कल यह प्रश्न उठाया था कि ‘बोरे’ और ‘बासी’ दो अलग-अलग चीजें हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ की खान-पान संस्कृति को जानने वाले भली-भांति समझते हैं। उन्होंने भूपेश सरकार के कार्यकाल में बोरे-बासी के नाम पर प्रति प्लेट 1788 रुपए की लागत आने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसे हुआ, क्या परोसा गया और किस प्रक्रिया का पालन किया गया। श्री चन्द्राकर ने जानकारी दी कि विधानसभा में गठित विधायकों की समिति अब इस कथित घोटाले की गहन जाँच करेगी, जिसके बाद सभी तथ्य सार्वजनिक हो जाएंगे।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी

प्रदेश में बढ़ते साइबर ठगी के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता अजय चन्द्राकर ने कहा कि यह वर्तमान सदी का एक नया प्रकार का अपराध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के गृह मंत्री ने विधानसभा में साइबर थानों की स्थापना, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति और साइबर कमांडो के गठन की बात कहकर पुलिस द्वारा इस समस्या से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी है। श्री चन्द्राकर ने आगे कहा कि गृह मंत्री ने जनता से भी जागरूकता बरतने की अपील की है और किसी भी प्रकार का संदेह होने पर भारत सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने का सुझाव दिया है, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस के नंबर भी शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई स्वयं को सीबीआई या एसबीआई का अधिकारी बताकर जानकारी मांगे या डराए तो बिल्कुल भी न घबराएं। उन्होंने मीडिया से भी इस दिशा में जागरूकता फैलाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

पूछताछ से घबराने की आवश्यकता नहीं

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता करने वाले लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता अजय चन्द्राकर ने कहा कि किसी भी घटना या दुर्घटना के बाद प्राथमिक स्तर पर कुछ पूछताछ अवश्य होती है, लेकिन हर पूछताछ से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उनके साथ भी ऐसा हुआ है, लेकिन उन्हें कभी भी ऐसी विषम परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा। श्री चन्द्राकर ने कहा कि जब कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई देती है या संदेह उत्पन्न होता है, तो पूछताछ करना आवश्यक भी हो जाता है।

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