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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दी महत्वपूर्ण जानकारी
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आधुनिक तकनीक और नवाचार से बदल रहा कृषि परिदृश्य
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | कृषि अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित क्षेत्र नहीं रह गई है, बल्कि यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के साथ जुड़कर एक व्यापक रोजगारोन्मुख क्षेत्र बन चुका है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि का पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सरकारी सेवाओं, अनुसंधान, कृषि व्यवसाय, एग्री-टेक और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में करियर के नए रास्ते खोल रहा है। प्रशिक्षित कृषि स्नातक उत्पादकता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की कृषि प्रणालियां और व्यावसायिक आधार
छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में संभावनाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। राज्य की धान आधारित कृषि प्रणालियां, दलहन एवं तिलहन, उद्यानिकी, पशुपालन और वनोपज आधारित आजीविका व्यावसायिक विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। पारंपरिक एवं जनजातीय कृषि तथा कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र प्रशिक्षित युवाओं को उत्पादन लागत कम करने और कृषि मूल्य श्रृंखला के विकास में योगदान देने का अवसर देते हैं।
बहुविषयक ज्ञान और विविध करियर विकल्प
चार वर्षीय बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मृदा विज्ञान, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन, जैव प्रौद्योगिकी, कीट विज्ञान, पादप रोग विज्ञान, उद्यानिकी, कृषि अर्थशास्त्र और कृषि व्यवसाय प्रबंधन जैसे विविध विषयों का बहुविषयक ज्ञान प्रदान करता है। इससे विद्यार्थी उच्च शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। कृषि स्नातकों के लिए सरकारी विभागों, ग्रामीण विकास, बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में कृषि ऋण, फसल बीमा और किसान उत्पादक संगठनों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
डिजिटल तकनीक और भविष्य की स्मार्ट कृषि
भविष्य की कृषि में ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस, सटीक कृषि, जलवायु-स्मार्ट कृषि और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है। निजी क्षेत्र में बीज, उर्वरक, फसल संरक्षण और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं निरंतर बढ़ रही हैं। कृषि विशेषज्ञता के साथ डिजिटल कौशल रखने वाले युवा इन उभरते क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। यह पाठ्यक्रम युवाओं को नर्सरी, मशरूम उत्पादन, जैविक खेती और ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अपना उद्यम स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करता है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की आधुनिक सुविधाएं
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं, विश्वस्तरीय चावल अनुसंधान सुविधाएं और आईसीएआर (छ।ठस्) मान्यता प्राप्त कीटनाशी अवशेष विश्लेषण प्रयोगशाला उपलब्ध हैं। आईजीकेवी (प्ळज्ञट) के पास 22,000 से अधिक पारंपरिक धान जर्मप्लाज्म का समृद्ध संग्रह है, जो भविष्य की खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूलन अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। विद्यार्थियों के लिए यहां कैंपस प्लेसमेंट, करियर परामर्श और कौशल विकास के अवसर भी विकसित किए गए हैं।
प्रवेश परामर्श 2026-27 और आवेदन
सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश परामर्श के अंतर्गत कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी, जिनकी रुचि विज्ञान, प्रकृति और प्रौद्योगिकी में है, बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि के माध्यम से अपना भविष्य संवार सकते हैं। अभ्यर्थियों को पात्रता, काउंसलिंग, सीट उपलब्धता और आवेदन प्रक्रिया के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की नवीनतम आधिकारिक प्रवेश अधिसूचना का अवलोकन करने की सलाह दी गई है।









