खरोरा (सत्यानंद सोई)।
तिल्दा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बंगोली में बिना ग्राम सभा के अनुमोदन के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के खिलाफ चल रहे आंदोलन को चौथे दिन छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति का समर्थन मिला। समिति के प्रदेश कोषाध्यक्ष गोवर्धन पाल, ग्राम इकाई परसदा के अध्यक्ष राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष लालू साहू और सचिव मेघनाथ मार्कंडेय ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों का समर्थन किया।
प्रदेश कोषाध्यक्ष गोवर्धन पाल ने कहा कि प्रदेश के कई ग्राम पंचायतों में सरपंच और सचिव बिना ग्राम सभा की मंजूरी के एनओसी जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन में बैठे भ्रष्ट अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूंजीपतियों से मिलीभगत कर इसे वैध ठहराते हैं। ऐसे गठजोड़ को तोड़ने के लिए गांव के लोगों और संगठनों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।
गोवर्धन पाल ने चेतावनी दी कि अधिकारियों और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को पंचायती राज अधिनियम का पालन करना होगा, अन्यथा छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति उन्हें पंचायती राज का सही अर्थ बताएगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में ना लोकसभा और ना विधानसभा, बल्कि सबसे बड़ी संस्था ग्राम सभा है। ग्राम सभा की मंजूरी के बिना किसी गांव में कोई विकास कार्य संभव नहीं है।
समिति के प्रदेश कोषाध्यक्ष ने आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “मैं बंगोली के भाइयों और बहनों को धन्यवाद देता हूं जो धैर्यपूर्वक अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब भी हमारी आवश्यकता होगी, हम आपके सहयोग के लिए तत्पर रहेंगे।”







