जापान-छत्तीसगढ़ के बीच खिंचेगी दोस्ती और प्रगति की नई लकीर, सीएम विष्णु देव साय से मिले जापानी छात्र
OM Darpan
एहिमे यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की शिष्टाचार भेंट, साझा की बौद्ध विरासत और नवाचार की नई संभावनाएं
✍️ विशेष संवाददाता
रायपुर | रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की एक नई झलक देखने को मिली। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की। तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर आए इन विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री ने न केवल छत्तीसगढ़ की आतिथ्य परंपरा को साझा किया, बल्कि दोनों देशों के भविष्य के संबंधों को लेकर एक विजन भी पेश किया। इस मुलाकात के दौरान भारत और जापान के बीच शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप और साझा बौद्ध विरासत जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विष्णु देव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में बहुत गहरी हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि समय के साथ यह संबंध संस्कृति से आगे बढ़कर विज्ञान, तकनीक और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों तक फैल गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सुंदर समन्वय स्थापित कर विश्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं के बीच होने वाले ऐसे शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान आने वाली पीढ़ियों के रिश्तों को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने भारत को भगवान बुद्ध की भूमि बताते हुए कहा कि उनके शांति और करुणा के संदेश की जापान की संस्कृति में भी गहरी छाप है। उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक समृद्धि से अवगत कराते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे स्थलों का विशेष उल्लेख किया। महानदी के तट पर बसे सिरपुर को उन्होंने छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता और बौद्ध विरासत का एक अद्भुत केंद्र बताया। राज्य सरकार का लक्ष्य सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, ताकि दुनिया भर के शोधार्थी और पर्यटक यहां की विरासत से रूबरू हो सकें।
अनुशासन और तकनीक से मिली भविष्य की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपनी जापान यात्रा के संस्मरण साझा करते हुए वहां की अनुशासित कार्यसंस्कृति और तकनीकी प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जापान ने अपनी परंपराओं को सहेजते हुए आधुनिक विज्ञान में महारत हासिल की है, वह दुनिया के लिए प्रेरणा है। साय ने विश्वास जताया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ने से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे। ऐसे कार्यक्रम केवल दो संस्थानों को ही नहीं, बल्कि दो देशों के युवाओं को मित्रता के सूत्र में बांधते हैं।
मेहंदी और गणेश उत्सव की यादें ले जाएंगे जापानी छात्र
भ्रमण के दौरान जापानी छात्रों ने रायपुर की आत्मीयता और यहां के खान-पान की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि गणेश उत्सव की परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व को करीब से देखना उनके लिए एक नया अनुभव था। जापानी छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ बताया कि उन्होंने यहां मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों के अनुसार, इस यात्रा ने उन्हें किताबों से हटकर भारत के समाज और जीवनशैली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर दिया है।
एनआईटी रायपुर में स्टार्टअप और नवाचार की देखी ताकत
अपने प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का दौरा किया। वहां उन्होंने आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने वाले स्टार्टअप्स की गतिविधियों को देखा और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने वहां संचालित अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की बारीकी से जानकारी ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक अमय त्रिपाठी और चिप्स के ज्वाइंट सीईओ अनुपम आशीष टोप्पो सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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