बस्तर की महिलाओं का 'मिट्टी' प्रेम लाया रंग, गणेश प्रतिमाएं बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये
OM Darpan
तारापुर गांव की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के साथ पेश की सफलता की कहानी, शांति नागवंशी और टीम ने रची नई इबारत
✍️ विशेष संवाददाता
बस्तर | बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम तारापुर की महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर अपनी रचनात्मकता और कठिन परिश्रम से आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। ‘मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व-सहायता समूह’ से जुड़ी महिलाओं ने पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर लगभग 1.80 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह सफलता न केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि मिट्टी के प्रति उनके लगाव और हुनर को भी एक बड़ा मंच प्रदान कर रही है।
हाथों-हाथ बिकीं 52 इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं
शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने सीमित संसाधनों के साथ कुछ सप्ताह पहले मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू किया था। पूरे समर्पण के साथ तैयार की गई छोटे-बड़े आकार की कुल 52 गणेश प्रतिमाओं में प्राकृतिक मिट्टी का उपयोग किया गया और रासायनिक तत्वों से पूरी तरह दूरी बनाई गई। आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के चलते बाजार में ये प्रतिमाएं काफी लोकप्रिय रहीं और देखते ही देखते सभी मूर्तियां बिक गईं।
आस्था से आत्मनिर्भरता
समूह की सदस्य शांति नागवंशी के अनुसार, इस मेहनत की कमाई से अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगी और बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य की जरूरतों में यह आय काफी उपयोगी साबित होगी। तारापुर की महिलाओं की यह पहल बताती है कि यदि ग्रामीण हुनर को सही दिशा और अवसर मिले, तो स्थानीय संसाधन आजीविका का मजबूत आधार बन सकते हैं। इस पूरी कवायद ने न केवल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल उत्सव मनाने का एक सशक्त विकल्प भी प्रदान किया है।
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