14 सितम्बर 2026 |
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रायगढ़ में पिता की मौत के बाद दिव्यांग बच्चों के पास अंतिम संस्कार के पैसे नहीं; पुलिस ने दाह संस्कार किया

OM Darpan

Jul 29, 2024 08:07 am 208 views
रायगढ़ में दिव्यांग बच्चों की दुर्दशा: पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पिता की मौत के बाद उनके दिव्यांग बच्चे अंतिम संस्कार के लिए पैसे की कमी से जूझ रहे थे। दिव्यांग बेटा और बेटी, जिनके पास पैसे नहीं थे, अस्पताल में ही अपने पिता का शव छोड़कर जा रहे थे। जब जूटमिल थाना पुलिस को इस बात की सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की और शव का दाह संस्कार किया। विनय प्रकाश जायसवाल, जो रायगढ़ में पिछले दो वर्षों से रह रहे थे, की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था और अब विनय भी रविवार को चल बसे। अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों द्वारा शव छोड़कर जाने की सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज और उनकी टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कयाघाट मुक्ति धाम ले जाकर अंतिम संस्कार किया। विनय के दोनों बच्चे दिव्यांग हैं - बेटा चलने में असमर्थ है और बेटी को बोलने में भी समस्या है। परिवार की वित्तीय स्थिति पिछले कुछ समय से अत्यंत खराब थी, और पिता की मौत के बाद स्थिति और भी दयनीय हो गई थी। पुलिस ने न केवल दाह संस्कार की व्यवस्था की, बल्कि विनय के दिल्ली स्थित परिचितों को भी सूचित किया। उन्होंने आर्थिक मदद की पेशकश की और बच्चों को दिल्ली जाने की व्यवस्था की, जहां उनके परिचित पहले से मौजूद थे और वे बच्चों के साथ पढ़े थे। इस प्रकार, स्थानीय पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से इस कठिन घड़ी में दिव्यांग बच्चों की सहायता की और उनके लिए एक नई शुरुआत की संभावना प्रदान की।
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