16 सितम्बर 2026 |
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रायगढ़ के कुमरता गांव में हाथियों का आतंक, सात घरों को किया ध्वस्त

OM Darpan

Aug 30, 2024 06:09 am 181 views
 
  • धान की तलाश में आया गोतमी हाथी दल, ग्रामीणों के घर और खेतों में मचाई तबाही
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल में इन दिनों गोतमी हाथी दल का आतंक फैला हुआ है। बुधवार की रात कापू वन परिक्षेत्र के कुमरता बीट के उपरसलखेता गांव में दस हाथियों का दल जंगल से निकलकर पहुंच गया। हाथियों ने गांव में घुसते ही सात घरों को ध्वस्त कर दिया। ग्रामीणों को हाथियों के आने की सूचना मिलते ही उन्होंने घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन हाथी धान की खुशबू के चलते घरों में घुस गए और एक-एक कर सात घरों को तहस-नहस कर दिया। हाथियों का यह दल काफी देर तक गांव में डटा रहा। इस दौरान वनकर्मी और ग्रामीणों ने उन्हें भगाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन हाथी टस से मस नहीं हुए और धान खाने में व्यस्त रहे। देर रात हाथियों ने गांव के धान के खेतों में भी घुसकर फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए। गुरुवार सुबह वन विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू किया ताकि पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा दिया जा सके। वनकर्मियों के अनुसार, गोतमी दल में एक नर और पांच मादा हाथी हैं, जिनके साथ चार शावक भी हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में फिलहाल 47 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें से 11 हाथी छाल क्षेत्र में हैं। बाकी हाथी अलग-अलग रेंज में फैले हुए हैं। कापू रेंज के अधिकांश गांव जंगल के समीप स्थित हैं, जिसके चलते हाथी अक्सर बस्तियों में घुस जाते हैं। कुमरता परिसर रक्षक गजानंद साय पैंकरा ने बताया कि हाथियों के आने की जानकारी पहले से ही ग्रामीणों को दे दी जाती है। कुछ गांव ऐसे हैं जहां वाहन से पहुंचना मुश्किल होता है, इसलिए पैदल जाकर गांव में मुनादी कराई जाती है ताकि लोगों को सतर्क किया जा सके और कोई जनहानि न हो। धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ अभिषेक जोगावत ने बताया कि गोतमी दल आक्रमक नहीं है, लेकिन धान की तलाश में घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाते हैं। वनकर्मी लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
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