नई दिल्ली |
वीर बाल दिवस के मौके पर शुक्रवार को देश के 20 होनहार बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए इन बच्चों को विज्ञान, खेल, समाज सेवा और वीरता के क्षेत्र में उनके अदम्य साहस और प्रतिभा के लिए पुरस्कृत किया।
समारोह में बिहार के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया, जिसे उनके माता-पिता ने ग्रहण किया। पुरस्कार वितरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजेता बच्चों से मुलाकात की और उन्हें ‘विकसित भारत’ का भविष्य बताया।
PM मोदी ने दिया सफलता का मंत्र
बच्चों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेन Z (Gen Z) और जेन अल्फा (Gen Alpha) ही हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं भारत के युवाओं से यही अपेक्षा करता हूं कि वे बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और अपने आत्मविश्वास को कमजोर न पड़ने दें।”
पीएम ने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि आज फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग पर है। बच्चों में रटने के बजाय सोचने की आदत और सवाल पूछने का साहस होना चाहिए। उन्होंने वीर साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि 26 दिसंबर का यह दिन भावना और श्रद्धा से भरा है। वीर साहिबजादों ने छोटी उम्र में धर्म और सत्य के लिए क्रूर मुगल शासक औरंगजेब की सत्ता से टक्कर ली थी।
क्रिकेट के ‘वंडर बॉय’ वैभव सूर्यवंशी: राष्ट्रपति ने की तारीफ
दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के कारण वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल सके। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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रिकॉर्ड मशीन वैभव: बिहार के वैभव ने हाल ही में लिस्ट-A क्रिकेट में 36 गेंदों में शतक लगाकर दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी (14 साल) बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।
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सिक्सर किंग: वैभव यूथ वनडे में सबसे ज्यादा छक्के (14 छक्के) लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी 14 साल की उम्र में शतक जड़ा था।
इन बच्चों के साहस और संघर्ष को मिला सम्मान
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पिता को मगरमच्छ के जबड़े से खींचा: उत्तर प्रदेश के अजय राज ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए लकड़ी से वार कर मगरमच्छ को मारा और अपने पिता की जान बचाई।
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दोस्तों को करंट से बचाया: केरल के 11 वर्षीय मोहम्मद सिद्दान ने सूझबूझ दिखाते हुए लकड़ी की मदद से अपने दो दोस्तों को करंट लगने से बचाया।
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नक्सल क्षेत्र से निकली जूडो स्टार: छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव (नक्सल प्रभावित क्षेत्र) की योगिता मंडावी, जिन्होंने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया था, उन्होने जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
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दिहाड़ी मजदूर की बेटी बनी फुटबॉलर: झारखंड की 14 वर्षीय अनुष्का, जिनकी मां दिहाड़ी मजदूर हैं, अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने में कामयाब रहीं।
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प्रदूषण रोकने वाली मशीन: उत्तर प्रदेश की 17 वर्षीय पूजा ने बिना धूल वाली थ्रेसर मशीन का आविष्कार किया, जो पर्यावरण संरक्षण में मददगार है। पूजा की मां सरकारी स्कूल में खाना बनाती हैं।
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7 साल की ग्रैंडमास्टर: गुजरात की वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका ने फिडे वर्ल्ड स्कूल चेस चैंपियनशिप (अंडर-7) में सभी 9 मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किया।
| क्र. | नाम | उम्र | राज्य |
| 1. | वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका | 7 साल | गुजरात |
| 2. | योगिता मंडावी | 14 साल | छत्तीसगढ़ |
| 3. | आयशी प्रिषा बोराह | 10 साल | असम |
| 4. | वंश | 17 साल | चंडीगढ़ |
| 5. | पूजा | 17 साल | उत्तर प्रदेश |
| 6. | सुमन सरकार | 16 साल | पश्चिम बंगाल |
| 7. | एस्तेर लालदुहावमी हनामते | 9 साल | मिजोरम |
| 8. | शिवानी होसुरु उप्परा | 17 साल | आंध्र प्रदेश |
| 9. | मोहम्मद सिद्दान | 11 साल | केरल |
| 10. | अजय राज | 16 साल | उत्तर प्रदेश |
| 11. | वैभव सूर्यवंशी | 14 साल | बिहार |
| 12. | ब्योमा (मरणोपरांत) | 6 साल | तमिलनाडु |
| 13. | कमलेश कुमार (मरणोपरांत) | – | बिहार |
| 14. | श्रवण सिंह | 10 साल | पंजाब |
| 15. | अर्णव महर्षि | 17 साल | महाराष्ट्र |
| 16. | ज्योति | – | हरियाणा |
| 17. | धिनिधि देसिंघु | – | कर्नाटक |
| 18. | ज्योशना साबर | – | ओडिशा |
| 19. | विश्वनाथ कार्तिकेय | 16 साल | तेलंगाना |






