कवर्धा (ओमदर्पण न्यूज़)।
चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी स्थित नर्मदा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धाभाव से विधि-विधान के साथ यज्ञ की परिक्रमा की और व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की।
साहू समाज के योगदान को सराहा
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में साहू समाज को एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज बताया। उन्होंने कहा कि यह समाज सदैव दिशा देने का कार्य करता है। दानवीर भामाशाह और रायगढ़ के सत्यनारायण बाबा (जो 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्यारत हैं) का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महान संत प्रेरणा स्रोत हैं। जब कोई समाज संगठित होकर काम करता है, तो पूरे राष्ट्र का विकास होता है।
धर्मांतरण पर सख्ती: धर्म और समाज की रक्षा सरकार का संकल्प
मंच से मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में पारित ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ का प्रमुखता से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ती हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने सख्त प्रावधानों वाला कानून लागू करने का निर्णय लिया है। अब छल, प्रलोभन या विवाह की आड़ में धर्म परिवर्तन नहीं हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता शबरी का पावन धाम है। राज्य सरकार ‘रामलला दर्शन योजना’ चला रही है, जिसके तहत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ भी संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा कुंड में स्नान व पूजा-अर्चना करना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से गहरी आस्था का विषय रहा है। ऐसे आयोजन समाज में एकता और सकारात्मकता लाते हैं। वहीं, पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं और बच्चों की भागीदारी भी जरूरी है, ताकि वे अपनी सनातन संस्कृति को जान सकें।
इस अवसर पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी महायज्ञ की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।






