



कोरिया।
आज जिला पंचायत के मंथन कक्ष में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों और संकुल प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी हालत में छात्र-छात्राओं को आय-जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। कलेक्टर ने इस कार्य के लिए समय-सीमा तय करने व त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में कलेक्टर त्रिपाठी ने अपार आईडी कार्ड की समीक्षा की और एक-एक संकुल प्रभारी से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी प्राचार्यों व संकुल प्रभारियों को जिले के सभी स्कूलों के सभी विद्यार्थियों का अपार आईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिए। त्रिपाठी ने साफ कहा कि इस कार्य में कोई भी लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए कहा कि शिक्षकों का मुख्य उद्देश्य समय पर स्कूल पहुंचना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। विशेष रूप से सोनहत व बैकुण्ठपुर के दूरस्थ अंचलों के छात्र-छात्राओं की नैसर्गिक प्रतिभा का मूल्यांकन किया जाना चाहिए। साथ ही, पढ़ाई में पीछे रहने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन कर उन्हें शैक्षिक सहयोग देना भी आवश्यक है। त्रिपाठी ने कहा कि त्रैमासिक परीक्षा परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार किया जाए ताकि छमाही परीक्षा के परिणाम बेहतर आ सकें।
कलेक्टर ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को समय पर स्कूल पहुंचने की सख्त हिदायत दी और गणित, अंग्रेजी व विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि बच्चों को इन विषयों में रुचि विकसित करने के लिए उन्हें अधिक समय दें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। जिला कोरिया को शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक बताते हुए त्रिपाठी ने कहा कि सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी व जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता उपस्थित रहे।





