धरसीवां (सत्यानंद सोई)।
धरसीवां क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता संतोष पटेल की आत्महत्या के बाद कांग्रेस पार्टी ने उनके लिए न्याय की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया। ग्राम दोंदेकला निवासी संतोष पटेल ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकी मिली और मारपीट की गई। संतोष पटेल ने इस घटना की शिकायत स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन से की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।
स्थानीय विधायक ने कुछ महीने पहले मीडिया में बयान दिया था कि अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद शराब माफियाओं का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शिकायत करने के बावजूद संतोष पटेल को न्याय नहीं मिला और अंततः उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए आत्महत्या कर ली।
भाजपा नेताओं का हस्ताक्षर अभियान:
चुनाव के कुछ समय पहले, भाजपा के दिग्गज नेताओं ने उसी क्षेत्र में महिलाओं के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया था और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था। इस सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और आबकारी विभाग आयुक्त जयशंकर मिश्रा समेत भाजपा के अन्य बड़े नेता मौजूद थे। इसके बावजूद, उसी क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता संतोष पटेल पर हमला हुआ और उन्हें न्याय नहीं मिल सका।
कांग्रेस का भाजपा पर निशाना:
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार को निशाना साधते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ में माफियाओं का राज चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब माफियाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।
पटेल मरार समाज की मांग:
धरना प्रदर्शन में पटेल मरार समाज ने भी भाग लिया और संतोष पटेल की पत्नी, जो कैंसर पीड़ित हैं, और उनके बच्चों के लिए नौकरी और सुरक्षा की मांग की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
धरना प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, पूर्व सांसद छाया वर्मा, उधो वर्मा, दुर्गेश वर्मा, भावेश बघेल, हरिशंकर निषाद, अंकित वर्मा और ढालेन्द्र वर्मा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संतोष पटेल को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।










