बेमेतरा (ओमदर्पण न्यूज़)।
बेमेतरा जिले के उसलापुर-झिरिया में 300 से अधिक गोवंशों की दर्दनाक मौत के मामले में अब सियासत गरमा गई है। इस घटना के विरोध में यूथ कांग्रेस ने ग्राम झिरिया में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल, पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम और गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन को रोकने के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।
इस उग्र प्रदर्शन में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव प्रमुख रूप से शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा, पूर्व संसदीय सचिव गुरु दयाल सिंह बंजारे सहित कांग्रेस पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
10 दिन से धरने पर थे जनपद सदस्य, प्रशासन रहा मौन
दरअसल, यह पूरा मामला प्रशासनिक अनदेखी से जुड़ा हुआ है। गोवंश की मौत और किसानों की समस्या को लेकर जनपद सदस्य दीपक दिनकर बेमेतरा जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। 10 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की और न ही उनकी मांगों पर ध्यान दिया। प्रशासन के इस रवैये के बाद आक्रोशित कांग्रेस ने ग्राम झिरिया में यह उग्र प्रदर्शन कर प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।
लापरवाही का परिणाम है घटना, हो न्यायिक जांच: देवेंद्र यादव
प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में विधायक देवेंद्र यादव और अन्य कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 300 से अधिक गोवंशों की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक असंवेदनशीलता और घोर लापरवाही का परिणाम है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि गोवंशों की मौत के मामले की तत्काल न्यायिक जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएं, उन पर सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही, बचे हुए गोवंश के लिए चारे और पानी की तत्काल व्यवस्था की जाए। कांग्रेस ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।










