



दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
वीरांगना रानी चेन्नम्मा, जिनका जन्म 23 अक्टूबर 1778 को कर्नाटक राज्य के बेलगावी जिले के छोटे से गांव काकती में हुआ था, ने अपने वीरता और योद्धिक कौशल से राज्य और मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की इस वीरांगना का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। लेकिन इतिहास के कई पन्नों पर इनका नाम आज भी कहीं छिपा हुआ लगता है। आज उनकी जयंती के अवसर पर गिरजपुर के कृषक श्यामलाल कुर्रे ने अपने बेटे विपिन कुर्रे को खेती कार्य में उन्नति हेतु सेल्फ प्रपोल्ड मिनी कंबाइन हार्वेस्टिंग मशीन खरीदकर परिवार और समुदाय को गर्व का अहसास दिलाया।
श्यामलाल कुर्रे ने दुर्ग जिले के कमला मोटर्स से बरनाला के कुशल औद्योगिकी सरदार जगजीत सिंह की डिज़ाइन की गई पनेसर जी 60 स्ट्रावाकर मशीन की खरीदारी की। इस अवसर पर शाखा प्रबंधक मिंटू पाल, देव मोटर्स के संचालक गौकरण साहू, और कमला मोटर्स के सेल्स प्रमोटर सत्य श्री लक्ष्मी नारायण चंद्राकर उपस्थित थे। यंत्र की डिलीवरी करते समय खेमचंद गुप्ता, आगंतुक नंदिता सामंत, कनिष्ठ अभियंता किशोर निषाद, बरमेचा एलीवेटर के निरीक्षक अजय चौधरी भी उपस्थित रहे।
पनेसर जी 60s मिनी कंबाइन हार्वेस्टिंग मशीन कम डीजल खपत में उच्च कटाई क्षमता के लिए जानी जाती है। यह मशीन छोटे-छोटे खेतों में भी 180 डिग्री घुमाव के साथ कार्य करने की क्षमता रखती है। इस मशीन ने न केवल श्यामलाल कुर्रे और उनके परिवार को खुशी दी, बल्कि यह लघु कृषकों को सशक्त बनाने और देश की जीडीपी बढ़ाने के लक्ष्य में भी सहयोगी साबित हो रही है। इस डिलीवरी के साथ, किसान श्यामलाल और उनके बेटे विपिन ने अपनी जीविका को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।






