मनेन्द्रगढ़। भरतपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बरौता अंतर्गत आश्रित ग्राम धनौली में जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ योजना का क्रियान्वयन पूरा हो गया है। जिला मुख्यालय से 125 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के हर घर में अब नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
लगभग 350 की आबादी और 60 परिवारों वाले इस गांव में ग्रामीण लंबे समय से पेयजल के लिए कुओं और हैंडपंपों पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में जलस्रोत सूख जाने के कारण ग्रामीणों को दूरस्थ स्थानों से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी।
योजना के तहत गांव में व्यवस्थित जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई और एक ओवरहेड टैंक का निर्माण किया गया है। प्रत्येक घर में व्यक्तिगत नल कनेक्शन देने के साथ-साथ जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए भी व्यवस्था बनाई गई है।
350 की आबादी को मिला स्वच्छ जल
धनौली में इस बदलाव के पीछे ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने पाइपलाइन बिछाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग दिया। अब ग्रामीण खुद जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
घर-घर नल पहुंचने से सबसे अधिक राहत महिलाओं और बच्चों को मिली है। पहले पानी लाने में लगने वाला समय अब महिलाएं अन्य कार्यों और बच्चे अपनी पढ़ाई में लगा पा रहे हैं। स्वच्छ जल की उपलब्धता से गांव में जल जनित बीमारियों के खतरे में भी कमी आई है।
दूसरे गांवों के लिए बना मिसाल
ग्राम पंचायत बरौता की यह उपलब्धि अब आसपास के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रही है। ग्रामीणों में जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।









