बालोद (ओमदर्पण न्यूज़)।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ बालोद जिले के ग्रामीणों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिल रहा है, जिससे वर्षों पुराने जमीन और सीमा विवादों का स्थायी समाधान हो गया है। प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जिले के सभी 669 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है।
आधुनिक तकनीक से तैयार हुए पारदर्शी अभिलेख
योजना के तहत आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए गांव के आबादी क्षेत्रों में स्थित घरों और बाड़ियों का सटीक सर्वे किया गया है। इसके आधार पर पूरी तरह से पारदर्शी अभिलेख (दस्तावेज) तैयार किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अब तक 12 गांवों के 1,296 हितग्राहियों को उनके अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं।
राजस्व पखवाड़ा: 23 हजार से अधिक को लाभ देने का लक्ष्य
जिले में चल रहे ‘राजस्व पखवाड़ा’ के अंतर्गत जिला प्रशासन ने अधिकार अभिलेख वितरण के कार्य में तेजी ला दी है। इस पखवाड़े में 142 ग्रामों के 23,157 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को सशक्त बनाया जा सके।
अब आसानी से मिलेगा बैंक लोन, ग्रामीणों ने जताई खुशी
संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। गुरूर विकासखंड के ग्राम पीकरिपार निवासी हितग्राही याद राम साहू और माखन लाल साहू ने शिविर में अपने अधिकार अभिलेख प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अब तक गांव की आबादी जमीन का पट्टा न होने से कई दिक्कतें आती थीं, लेकिन अब मालिकाना हक मिलने से बैंक ऋण सहित अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेना बेहद सरल हो जाएगा।
लाभान्वित हितग्राहियों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को कानूनी सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।







