18 अक्टूबर 2026 |
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करवा चौथ के दिन लेह लद्दाख में भिलाई के जवान उमेश साहू हुए शहीद, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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OM Darpan

Oct 22, 2024 12:15 am 595 views
करवा चौथ के दिन लेह लद्दाख में भिलाई के जवान उमेश साहू हुए शहीद, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
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लेह लद्दाख में भिलाई का जवान शहीद लेह लद्दाख में भिलाई का जवान शहीद   दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

करवा चौथ के दिन लेह लद्दाख में भिलाई का जवान उमेश साहू देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया। आज सुबह शहीद जवान उमेश साहू का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम कोडिया पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारियाँ की जा रही हैं। उमेश साहू पिछले दस वर्षों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। वे एक समर्पित और साहसी सैनिक थे, जिन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा।

उमेश साहू की ड्यूटी लेह लद्दाख के अत्यंत ऊंचाई वाले क्षेत्र में लगी थी, जहाँ पर ऑक्सीजन की कमी आम बात है। इस ऊंचाई वाले क्षेत्र में तैनाती के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण उमेश साहू को सांस लेने में कठिनाई होने लगी। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनका निधन हो गया। ड्यूटी के दौरान निधन होने के कारण उमेश साहू को शहीद का दर्जा दिया गया। आज सुबह जब उमेश साहू का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम कोडिया पहुंचा, तो पूरा गांव उनकी शहादत पर गर्व महसूस कर रहा था। शहीद के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था, परंतु साथ ही उन्होंने अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व भी महसूस किया। गांव के लोगों ने शहीद उमेश साहू को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कोडिया के मुक्तिधाम में उमेश साहू का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार की तैयारी में भारतीय सेना के जवान भी शामिल हैं, जो सैन्य सम्मान के साथ अपने साथी को विदा करने के लिए उपस्थित हैं। इस मौके पर सेना के अधिकारियों ने उमेश साहू की बहादुरी को सलाम किया और उनके परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उमेश साहू की पत्नी को करवा चौथ के दिन इस दुखद समाचार से मानो पहाड़ टूट पड़ा। करवा चौथ का दिन, जो उनके लिए पति की लंबी उम्र की कामना का दिन था, अचानक शोक का दिन बन गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर व्यक्ति की आँखों में आंसू हैं। गांव के लोगों ने उमेश साहू की शहादत पर गर्व करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और उनके साहस और समर्पण की कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। उमेश साहू का परिवार, जिसमें उनकी पत्नी और छोटे बच्चे शामिल हैं, इस समय अत्यंत कठिनाई का सामना कर रहा है। सेना और ग्रामवासी इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। उमेश साहू की शहादत ने सभी को यह याद दिलाया है कि हमारे सैनिक किस प्रकार कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
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