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दुर्ग की बेटी कुसुम सिन्हा ने बढ़ाया शहर-राज्य का मान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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OM Darpan

Jul 28, 2025 06:05 am 453 views
दुर्ग की बेटी कुसुम सिन्हा ने बढ़ाया शहर-राज्य का मान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

  दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)। दुर्ग शहर की प्रतिभावान बेटी कुसुम सिन्हा ने अपनी लगन और मेहनत से एक बार फिर पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। 22 जुलाई 2025 को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के गोदावरी हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें देश के सर्वोच्च 'राष्ट्रपति गाइड प्रमाणपत्र' से सम्मानित किया। यह सम्मान पाने वाली वह छत्तीसगढ़ की उन तीन चुनिंदा प्रतिभाओं में से एक हैं।
 

सफलता का सफर: 2018 से राष्ट्रपति सम्मान तक

  गयानगर के वार्ड क्रमांक 4 में रहने वाली कुसुम सिन्हा ने 2018 में स्काउट गाइड के राष्ट्रपति अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने कई चरणों में प्रशिक्षण, सामाजिक कार्य, शिविर, परीक्षाएं और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरे किए। उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और सेवा भावना ने उन्हें इस गौरव तक पहुंचाया। यह सम्मान उन प्रतिभागियों को मिला जिन्होंने 2018, 2019, 2020 और 2021 के चार बैचों की संयुक्त राष्ट्रीय परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया। इस परीक्षा में 480 प्रतिभागी उत्तीर्ण हुए थे, जिनमें से प्रत्येक वर्ष की हर श्रेणी (स्काउट, गाइड, रोवर, रेंजर) से एक-एक श्रेष्ठ प्रतिभागी को चुना गया। इस तरह कुल 16 श्रेष्ठ प्रतिभागियों को राष्ट्र स्तर पर यह पुरस्कार दिया गया।
 

महापौर अलका बाघमार ने निवास पर पहुंचकर किया सम्मान

  कुसुम की इस असाधारण उपलब्धि पर दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार स्वयं उनके घर पहुंचीं और उन्हें शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर और पार्षद व एमआईसी सदस्य लीना दिनेश देवांगन भी उनके साथ मौजूद थीं। महापौर ने कहा, "कुसुम की यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिश्रम की कहानी नहीं है, यह हमारे शहर की बेटियों की क्षमता का प्रमाण है। एक सामान्य परिवार से निकलकर राष्ट्रपति से सम्मान पाना बेहद गर्व की बात है। कुसुम ने यह साबित किया है कि अगर नीयत और मेहनत सच्ची हो तो सफलता निश्चित मिलती है। नगर निगम परिवार की ओर से मैं उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूँ।"
 

माता-पिता और गुरुजनों का मिला मार्गदर्शन

  कुसुम की इस सफलता में उनके माता-पिता, रामखिलावन सिन्हा और देवकी सिन्हा का हमेशा प्रोत्साहन रहा। इसके अलावा शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग की प्राचार्य डॉ. कृष्णा अग्रवाल और सेवानिवृत्त शिक्षिका व यूनिट लीडर देविका रानी वर्मा ने उनके प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाई। कुसुम की यह उपलब्धि शहर की अन्य बालिकाओं और युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।
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