

सूरजपुर (पंकज शुक्ला)।
जिला स्तरीय राज्योत्सव में शिक्षा विभाग के साक्षरता प्राधिकरण द्वारा लगाए गए उल्लास केंद्र और वित्तीय लेनदेन पर आधारित मॉडल ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। जिला शिक्षा अधिकारी रामललित पटेल के निर्देशानुसार और जिला परियोजना अधिकारी रोहित कुमार सोनी के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के स्टॉल में उल्लास मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में उल्लास केंद्र के माध्यम से शिक्षार्थियों को साक्षर करने और डिजिटल व वित्तीय लेनदेन सिखाने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सूरजपुर सहित सभी जिलों में जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सूरजपुर के राज्योत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा अपने कार्यों और मॉडल्स की प्रदर्शनी आयोजित की गई। शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा और साक्षरता प्राधिकरण के कार्यों का मॉडल रूप में प्रदर्शन किया गया, जिसमें उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लास केंद्र और वित्तीय लेनदेन पर आधारित आकर्षक मॉडल शामिल था।
राज्योत्सव के मुख्य अतिथि भैया लाल राजवाड़े (विधायक बैकुंठपुर), प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, विशिष्ट अतिथि शकुंतला पोर्ते (विधायक प्रतापपुर), जिला पंचायत अध्यक्ष राजकुमारी मरावी, और नगर पालिका अध्यक्ष के. के. अग्रवाल ने स्टॉल का अवलोकन किया और उल्लास मॉडल की बारीकी से जानकारी ली। आम जनता ने भी इस मॉडल में गहरी रुचि दिखाई।
उल्लास मॉडल को जिला रिसोर्स पर्सन कृष्ण कुमार ध्रुव (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटेया), प्रेमनगर ब्लॉक मास्टर ट्रेनर करुणा पटेल (शासकीय प्राथमिक शाला चितखई) और पूर्णिमा टोप्पो (शासकीय प्राथमिक शाला कौशलपुर) द्वारा तैयार किया गया था। प्रदर्शनी में उल्लास केंद्र के प्रथम मॉडल में दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी स्वयंसेवी शिक्षक बनकर अपने मोहल्ले में असाक्षर लोगों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह कक्षाएं शाम के समय असाक्षर महिला और पुरुषों के लिए आयोजित की जा रही हैं, जिसमें बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान, जीवन कौशल (डिजिटल, वित्तीय, कानूनी, मतदान, पर्यावरण), व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
दूसरे मॉडल में वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया था, जिसमें उल्लास केंद्र से साक्षर बने शिक्षार्थियों ने बाजार, राशन दुकान, और अन्य लेनदेन में डिजिटल भुगतान की तकनीक का उपयोग कर आत्मसम्मान और जीवन कौशल में सुधार किया। वर्तमान में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले भर में उल्लास केंद्र संचालित हैं, जहां अनेक शिक्षार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस प्रदर्शनी कार्यक्रम में साक्षरता प्राधिकरण से विनेश यादव, सूरजपुर बीपीओ जयराम प्रसाद, रामानुजनगर बीपीओ रवींद्रनाथ, जिला रिसोर्स पर्सन कृष्ण कुमार ध्रुव, प्रेमनगर मास्टर ट्रेनर करुणा पटेल और पूर्णिमा टोप्पो ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।





