दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के फॉरेंसिक साइंस विभाग के विद्यार्थियों ने नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) एवं केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के शिलान्यास कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऐतिहासिक अवसर पर एनएफएसयू कैंपस और सीएफएसएल की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इन संस्थानों की स्थापना से फॉरेंसिक जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे अदालतें समय पर निर्णय ले सकेंगी और न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अब सात साल या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य होगा। इसके लिए हर वर्ष 30,000 से अधिक युवा फॉरेंसिक विज्ञान में प्रशिक्षित होंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, गृहमंत्री विजय शर्मा और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी उपस्थित रहे।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अब फॉरेंसिक वैज्ञानिक, विश्लेषक और मनोवैज्ञानिक बनकर अपने करियर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
इस अवसर पर भारती विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष जयंत बारीक, सहायक प्राध्यापक समीक्षा नैय्यर और विभाग के सभी विद्यार्थी भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर प्रेरणा ली और भविष्य की दिशा में अपने कदम मजबूत किए।






