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दुर्ग में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का हल्ला बोल
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केंद्र के समान डीए और नियमितीकरण की मांग
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उत्तर प्रदेश की तर्ज पर 58% महंगाई भत्ते पर अड़े कर्मचारी
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)
प्रदेश में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को केंद्र के समान करने समेत अन्य मांगों को लेकर फेडरेशन ने 29 से 31 दिसंबर 2025 तक तीन दिवसीय ‘काम बंद, कलम बंद’ हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान जिला स्तर पर झाड़ूराम देवांगन स्कूल (शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला) में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
केन्द्र से 3% पीछे, एरियर्स भी अटका
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले ‘मोदी की गारंटी’ के तहत वादा किया था कि कर्मचारियों को केंद्र की तिथि से महंगाई भत्ता और एरियर्स दिया जाएगा। लेकिन वर्तमान में राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों से 3 प्रतिशत पीछे चल रहे हैं। इसके अलावा चार स्तरीय समयमान वेतनमान और सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ता (HRA) के पुनरीक्षण पर भी अब तक अमल नहीं हुआ है।
यूपी सरकार दे रही 58% डीए, यहां लाले
फेडरेशन ने सरकार की तुलना अन्य भाजपा शासित राज्यों से की है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य, जहां कर्मचारियों की संख्या 25 लाख से अधिक है, वहां की सरकार जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और बोनस दे रही है। देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों ने भी जुलाई 2025 से बढ़ा हुआ डीए घोषित कर दिया है, जबकि छत्तीसगढ़ में कर्मचारी अब भी पुरानी दरों पर काम करने को मजबूर हैं।
100 दिन का वादा 2 साल में भी अधूरा
हड़ताल का एक प्रमुख मुद्दा अनियमित और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण भी है। सरकार ने वादा किया था कि कमेटी गठित कर 100 दिनों के भीतर संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। दो साल बीतने के बाद भी इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। फेडरेशन का कहना है कि राज्य बनने के 25 साल बाद भी कर्मचारियों को आर्थिक समस्याओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
ये संगठन हुए एकजुट, कामकाज होगा प्रभावित
फेडरेशन के संभागीय संयोजक राजेश चटर्जी, महामंत्री विजय लहरे, राजपत्रित अधिकारी संघ के रूपेश कुमार पांडेय समेत शिक्षक फेडरेशन, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ, नगरीय निकाय कर्मचारी कांग्रेस, आयुष विभाग और अन्य संगठनों ने संयुक्त रूप से हड़ताल की अपील की है। 29, 30 और 31 दिसंबर को होने वाली इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व, शिक्षा, और स्वास्थ्य समेत कई विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहने की आशंका है।










