- युवाओं में सेवा और मानवता की भावना जागृत करना है, जिससे वे समाज की बेहतरी में योगदान दे सकें – राज्यपाल रामेन डेका
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के राज्यपाल रामेन डेका आज भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा आयोजित प्रथम राज्य स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण सह सदभावना शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में राज्य के 33 जिलों से आए छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। ओवर ऑल बेहतर प्रदर्शन के लिए दुर्ग जिले को प्रथम एवं बालोद जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर नारायणपुर जिले की बालिका नीलिमा मण्डावी और कोरिया जिले के रमेश कुमार को सर्वश्रेष्ठ कैडेट के रूप में सम्मानित किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रामेन डेका ने छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस मीट 2024 के सफल आयोजन के लिए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने रेडक्रॉस के इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्सा बनकर युवा स्वयंसेवकों के समर्पण और सेवा भावना को नमन किया। उन्होंने कहा कि “रेडक्रॉस न केवल चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में मदद करने के गुर सिखाता है, बल्कि यह मानवता के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना को भी प्रबल करता है।” उन्होंने इस शिविर के माध्यम से युवाओं में सेवा, सद्भावना और नैतिकता के गुणों को अपने जीवन में उतारने पर जोर दिया।
राज्यपाल डेका ने कहा कि जूनियर रेडक्रॉस का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सेवा और मानवता की भावना जागृत करना है, जिससे वे समाज की बेहतरी में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा, “रेडक्रॉस न केवल आप सभी को चिकित्सा सेवाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में मदद करने के गुर सिखाता है, बल्कि यह मानवता के प्रति आपकी संवेदनशीलता और सेवा भावना को भी प्रबल करता है। यह प्रशिक्षण शिविर आपको न केवल कौशल प्रदान करेगा, बल्कि जीवन के उन आदर्शों को भी सिखाएगा, जिनसे समाज में शांति, सद्भावना और एकता को बढ़ावा मिलता है।”
राज्यपाल ने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि “हमारे देश की युवा शक्ति में असीम संभावनाएँ हैं। आप सभी वे युवा हैं जो कल की चुनौतियों का सामना करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे। इस शिविर के माध्यम से आप सेवा, सद्भावना और नैतिकता के गुणों को अपने जीवन में उतारेंगे और समाज को एक नई दिशा देंगे।”
समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और मलखम्भ का प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान रेडक्रॉस के बच्चों ने राज्यपाल को खुमरी, पोट्रेट और एक तारा भेंट किया। भारती विश्वविद्यालय के कुलपति सुशील चन्द्राकर को आयोजन में सहयोग देने के लिए बधाई दी गई।
रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग के चेयरमेन अशोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि रेडक्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जिसका उद्देश्य मानव सेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में राज्य के सभी जिलों से कुल 906 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्राथमिक चिकित्सा, आपातकालीन सहायता, नशा उन्मूलन, सायबर क्राइम से बचाव, रक्त अल्पता, किशोरावस्था में शारीरिक बदलाव, मानसिक स्वास्थ्य, सायकोलॉजी, बीएसपी द्वारा फायर फाइटिंग प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
अग्रवाल ने कहा कि खेल-खेल में पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए मनोरंजक साहसिक गतिविधियां, खेलकूद, योग एवं व्यायाम, मार्चपास्ट, लोक गीत, लोक नृत्य, निबंध, पेंटिंग, अंताक्षरी, क्वीज, झांकी, फूड एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी, फिजिकल डिस्प्ले तथा 27 प्रकार के मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिससे बच्चों के मन में रेडक्रॉस का स्वयंसेवक बनने की इच्छा जागृत हुई है। उन्होंने दुर्ग रेडक्रॉस के समस्त स्वयंसेवकों, विशेषकर कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी का साधुवाद किया। भारती विश्वविद्यालय के कुलपति सुशील चन्द्राकर को बधाई दी, जिन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए राज्य शाखा के प्रयासों में कदम से कदम मिलाकर सहयोग प्रदान किया। जूनियर्स को जिला दुर्ग के प्रमुख स्थलों भिलाई स्टील प्लांट, मैत्री बाग, जैन मंदिर का भ्रमण भी कराया गया।
सीईओ एम.के. राउत ने कहा कि जिले में प्रथम बार राज्य स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस मीट 2024 कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जूनियर रेडक्रॉस में 33 जिलों के बच्चे शामिल हुए। इस संगठन का उद्देश्य मानव सेवा और स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूक करना है। जूनियर रेडक्रॉस में 9 से 12 साल के बच्चों को शामिल किया गया है। आज का बच्चा कल का नागरिक होगा। आज सभी 33 जिलों से आए बच्चे एक-दूसरे के साथ मिलकर रह रहे हैं और एक दूसरे में भावना और ज्ञान का आदान-प्रदान हो रहा है।
समापन के अंत में जिला रेडक्रॉस समिति की अध्यक्ष और दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मलखम्भ का प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल ने मार्चपास्ट, लोक गीत, लोक नृत्य, निबंध, पेंटिंग, अंताक्षरी, क्वीज, झांकी, फूड एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी, फिजिकल डिस्प्ले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बच्चों ने राज्यपाल को खुमरी पहनाया, राज्यपाल की पोट्रेट एवं एक तारा भेंट किया।













