रायपुर।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने वाले अमित सेन के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कस गया है। एनएसयूआई (NSUI) के कड़े विरोध और संघर्ष के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में मंगलवार दोपहर भारी गहमागहमी रही। रायपुर जिला एनएसयूआई अध्यक्ष शान्तनु झा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता दोपहर करीब 2:30 बजे थाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत और पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर थाना प्रभारी दीपक पासवान को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ता आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
लगातार दबाव और जनआक्रोश को देखते हुए पुलिस ने शाम करीब 5:00 बजे आरोपी अमित सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) एवं 356 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले में विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।
लोकतंत्र के दुश्मनों को चेतावनी: शान्तनु झा
कार्रवाई के बाद एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने कहा कि भाजपा-आरएसएस के इशारों पर सोशल मीडिया में नफरत फैलाने वाले तत्व लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के दुश्मन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और एनएसयूआई का हर कार्यकर्ता ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा। यह FIR केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर गंदगी फैलाने वालों के लिए कड़ी चेतावनी है।
इस दौरान मुख्य रूप से श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सन्नी अग्रवाल, विनोद चंद्राकर, पवन साहू, देवेंद्र यादव, एनएसयूआई महासचिव निखिल बघेल, महामंत्री सूरज साहू, भोजराज चौहान, आकाश देवांगन, नवीन, संस्कार, अभिनव और अथर्व सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।








