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चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे विमान में सवार थे एक सौ सैंतीस यात्री, हाइड्रोलिक सिस्टम में आई थी खराबी
नई दिल्ली | एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-दो हजार तीन सौ उनासी में टर्बुलेंस के दौरान विमान के अचानक लगभग तीन सौ फीट नीचे आने के मामले की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होगी। फ्रांस की विमान हादसों की जांच एजेंसी बीईए इस पड़ताल में शामिल होगी। इसके साथ ही विमान निर्माता कंपनी एयरबस के तकनीकी विशेषज्ञ भी जांच टीम की सहायता कर सकते हैं। फिलहाल इस गंभीर मामले की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो कर रहा है।
यह घटना चार अगस्त को हुई थी जब एअर इंडिया की उड़ान फुकेत से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। विमान ने सुबह करीब छह बजकर छप्पन मिनट पर उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान सुबह लगभग नौ बजकर बत्तीस मिनट पर विमान की ऊंचाई अचानक करीब तीन सौ फीट कम हो गई। इस घटना के दौरान हाइड्रोलिक और उड़ान नियंत्रण प्रणालियों में तकनीकी खामियों की जानकारी भी सामने आई है। विमान में तीन बच्चों सहित कुल एक सौ सैंतीस यात्री सवार थे।
[ पायलटों की भूमिका और तकनीकी कारणों की गहन पड़ताल ]
घटना के बाद दोनों पायलटों को जांच पूरी होने तक उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है और कमांडर का दोबारा मादक पदार्थ जांच परीक्षण भी कराया जाएगा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान का अचानक नीचे आना केवल मौसम में आए तेज टर्बुलेंस की वजह से था या इसके पीछे कोई तकनीकी कारण भी था। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि पायलटों ने टर्बुलेंस की स्थिति को किस तरह संभाला और घटना के बाद विमान को नई दिल्ली ले जाना उचित फैसला था या उसे लखनऊ अथवा वाराणसी जैसे नजदीकी हवाई अड्डों पर उतारा जाना चाहिए था। फ्रांस की एजेंसी और एयरबस विशेषज्ञों के शामिल होने से जांच को तकनीकी दृष्टि से अधिक व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।









