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ग्राम पाउवारा में इतवारी चीला तिहार: विधायक ललित चंद्राकर ने कहा- ‘छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेलों को सहेजना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी’

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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।

छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और ग्रामीण संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से ग्राम पाउवारा में समर्पण युवा मित्र मंडल द्वारा इतवारी चीला तिहार जनपद ट्रॉफी 2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेलों व संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।

पारंपरिक खेल संरक्षण पारंपरिक खेल संरक्षण

परंपरा का सम्मान और संस्कृति का संरक्षण

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक ललित चंद्राकर ने खेती-किसानी से जुड़े पारंपरिक कृषि औजारों की विधिवत पूजा-अर्चना कर किया। उन्होंने क्षेत्र में उत्तम फसल, हरियाली और समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर उन्होंने सभी ग्रामवासियों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण करने और “एक सोखता पुत्र के नाम” का संकल्प लेने की अपील की।

पारंपरिक खेलों का महत्व: आधुनिकता की चुनौती

विधायक ललित चंद्राकर ने ग्रामीण संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हरेली पर्व पर गांव-गांव में पारंपरिक खेलों जैसे खो-खो, कबड्डी, फुगड़ी, गिल्ली डंडा, नारियल फेंक, भाला फेंक, दौड़, कुर्सी दौड़ और कुश्ती का आयोजन होता था। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आधुनिकता के इस युग में मोबाइल ने इन खेलों को हमसे छीन लिया है, लेकिन पाउवारा के ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और संस्कृति को सहेजकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी भाषा, खान-पान और रहन-सहन के प्रति जागरूक होकर त्यौहार मनाने का आह्वान किया। चंद्राकर ने इस अवसर पर मातृशक्ति को संस्कृति का संवाहक और युवाओं को उसका संरक्षक बताते हुए आयोजकों, विजेताओं व प्रतिभागियों को बधाई दी।

महिला सशक्तिकरण और खेल भावना का प्रदर्शन

पाउवारा की सरपंच मीना यादव ने खेल आयोजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कोडिया, कोकड़ी, पाउवारा, बोरीगरका और करगाडीह सहित कई ग्राम पंचायतों में सर्वप्रथम महिलाओं के लिए खेलकूद का आयोजन पंचायत स्तर पर किया गया। इनमें से प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने पाउवारा के इस आयोजन में भाग लिया। कबड्डी, फुगड़ी, कुर्सी दौड़, मटका फोड़, चीला और छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसी प्रतियोगिताओं के साथ बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, गेड़ी नृत्य और मैराथन का विशेष आयोजन किया गया।

इस अवसर पर पारंपरिक खेल प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को नगद राशि व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। साथ ही रक्तदाताओं को भी सम्मानित कर उनके समर्पण को सराहा गया। मेले में पारंपरिक झूला (रइचुली) का भी ग्रामीणों ने खूब आनंद लिया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच पाउवारा मीना यादव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोरीगरका सरपंच चुम्मन लाल यादव, कोकड़ी सरपंच युगल चंद्राकर, कोडिया सरपंच खुमान निषाद, सोसाइटी अध्यक्ष सुखित राम यादव, संयोजक हर्ष साहू, वेदनारायण साहू, बोरीगरका उपसरपंच विकास साहू, गिरीश चंद, दुर्लवा सोनबेर, पुष्पा सोनबेर, पूर्व सरपंच कोकड़ी रोशन साहू, रोहित साहू, विमल गजपाल, जागेश्वर प्रसाद, राजेश साहू, छबिलाल, अवेद्र साहू, गणेश साहू, दीपक साहू, देवेंद्र देशमुख, निर्मला हिरवानी और अशोक साहू उपस्थित रहे।

 

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