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शिक्षक की हैवानियत और मासूम की मौत पर भड़के सुनील शर्मा, कहा- अभी खत्म नहीं हुई न्याय की लड़ाई

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  • छतरू इलाके में पीड़ित परिवार से मिले विपक्ष के नेता सुनील शर्मा, शिक्षक पर दुष्कर्म और मौत का आरोप

✍️ विशेष संवाददाता

किश्तवाड़ | जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में इंसानियत को झकझोर देने वाले नाबालिग लड़की के उत्पीड़न और मौत के मामले में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक शिक्षक द्वारा अपनी ही छात्रा के साथ महीनों तक की गई दरिंदगी के खिलाफ शुरू हुई यह कानूनी जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचा दिया जाता।

शिक्षक की हैवानियत और गर्भपात के दौरान मासूम की गई जान

यह दिल दहला देने वाला मामला किश्तवाड़ जिले के सुदूर छतरू इलाके से सामने आया है। आरोप है कि यहां एक 15 साल की नाबालिग छात्रा के साथ उसके शिक्षक ने महीनों तक यौन उत्पीड़न किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। घटना ने तब और भयानक रूप ले लिया जब 20 अगस्त को गर्भपात की कोशिश के दौरान किशोरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा गया और निष्पक्ष जांच की मांग तेज होने लगी।

क्रूरता की हदें पार, अब अपराध शाखा के पास जांच की कमान

पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान सुनील शर्मा ने इस अपराध को क्रूरता की पराकाष्ठा और इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज राजनीतिक और व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार कर इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता और उठती मांगों को देखते हुए 29 अगस्त को इस केस की जांच अपराध शाखा को सौंप दी है, ताकि घटना के हर पहलू की गहराई से पड़ताल हो सके।

 

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