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छत्तीसगढ़ में मनेगा ‘महतारी गौरव वर्ष’, सीएम विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान

महतारी गौरव वर्ष

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रायपुर |

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य में आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की है कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए तैयार ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के तहत महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु यह फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है, और उन्हीं के आशीष से जनसेवा के कार्यों को नई दिशा मिलती है।

तीन साल, तीन संकल्प: विश्वास, निर्माण और अब गौरव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने कार्यकाल के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिससे शासन और जनता के बीच भरोसा कायम हुआ। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ रहा, जिसमें आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों पर जोर दिया गया। अब सेवा का आगामी वर्ष पूरी तरह से मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ होगा।

70 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल

राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • महतारी वंदन योजना: राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये सीधे बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।

  • बजट प्रावधान: महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

  • संपत्ति में अधिकार: महिलाओं के नाम रजिस्ट्री कराने पर शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

सुरक्षा और स्वावलंबन के नए आयाम

महिला सुरक्षा और आजीविका के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारा है:

  • आजीविका: 42,878 महिला स्व-सहायता समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण दिया गया है। बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का काम अब महिला समूह संभाल रहे हैं।

  • सुरक्षा: वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 का एकीकरण कर महिलाओं को त्वरित सहायता दी जा रही है।

  • अन्य योजनाएं: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण, नवाबिहान, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा और मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलों से महिलाओं को नए अवसर मिले हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा- 8,245 करोड़ का बजट तय

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त वातावरण तैयार करना है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं का ब्रांड ‘जशप्योर’ और नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिलाओं को ग्लोबल मार्केट से जोड़ रहा है।

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