Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

अफसरों की नाक के नीचे जमा ‘मैखाना’

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

  • सिविल लाइन और विश्राम गृह मार्ग पर शराब की बोतलों का अंबार

  • प्रशासनिक उदासीनता: वीआईपी इलाके में शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

  • स्कूली बच्चों पर पड़ रहा बुरा असर

जशपुरनगर.

जिला मुख्यालय के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित माने जाने वाले सिविल लाइन और सरकारी आवास क्षेत्रों में प्रशासनिक अनदेखी की बानगी देखने को मिल रही है। शहर के हृदय स्थल कहे जाने वाले विश्राम गृह मार्ग और अधिकारियों के निवास के आसपास शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक डिस्पोजेबल और कचरे का ढेर लगा हुआ है। जिन इलाकों को स्वच्छता और अनुशासन का आदर्श होना चाहिए था, वे अब खुली शराबखोरी का अड्डा बनते जा रहे हैं।

वीआईपी रूट पर नशे के अवशेष

सिविल लाइन वह क्षेत्र है जहां जिले के तमाम बड़े अधिकारी और कर्मचारी निवास करते हैं। इसी क्षेत्र में शासकीय विश्राम गृह भी स्थित है। इसके बावजूद, सड़क किनारे, झाड़ियों और पेड़ों के नीचे शराब की बोतलों का जखीरा पड़ा है। स्थिति यह है कि मुख्य मार्ग पर खाली बोतलें, प्लास्टिक गिलास और नमकीन के पैकेट बिखरे पड़े हैं, जो यह बताने के लिए काफी हैं कि यहां रात के अंधेरे में किस तरह नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

स्कूली छात्रों के लिए खतरनाक संकेत

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसी मार्ग से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के सैकड़ों छात्र प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। शिक्षा के मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में नशे के सामान का बिखरा होना न केवल शहर की छवि खराब कर रहा है, बल्कि कोमल मन वाले बच्चों और किशोरों पर नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी डाल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी वस्तुओं की मौजूदगी बच्चों को गलत दिशा में ले जा सकती है।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

इस अव्यवस्था पर समाजसेवी और अधिवक्ता रामप्रकाश पाण्डेय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिविल लाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्र से भारी तादाद में शराब की बोतलें मिलना बेहद शर्मनाक है। पाण्डेय ने कहा, “यह निंदनीय है कि जिस रास्ते से बच्चे स्कूल जाते हैं, वहां प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।” उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज या गश्त बढ़ाकर दोषी व्यक्तियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow