



सुकमा।
शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की। इस मुठभेड़ में डीआरजी के जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया। इस दौरान किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घटनास्थल से एके-47, एसएलआर और अन्य कई हथियार बरामद किए गए हैं।
नक्सलियों को मार गिराने में सफल हुए जवान
मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें कई घंटों की तलाशी के बाद जवान वापस लौटे। आज की इस मुठभेड़ में डीआरजी के जवानों ने बड़ी सफलता प्राप्त की और 10 नक्सलियों को मार गिराया। नक्सलियों के खिलाफ सफलता प्राप्त करने के बाद डीआरजी के जवानों ने जश्न मनाया।
भेज्जी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़
डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों को शुक्रवार सुबह सुकमा जिले के कोंटा और किस्टाराम एरिया कमेटी के नक्सलियों की सूचना मिली थी। इसके बाद जवान भेज्जी थाना क्षेत्र के कोराजुगुड़ा, दंतेपुरम, नगराम और भंडारपदर गांवों के जंगलों में पहुंचे, जहां नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की।
नक्सलवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
सुकमा में हुए इस मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को उनके साहस और समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का खात्मा निश्चित है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों को समाप्त करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।





