रायपुर।
भारत तिब्बत समन्वय संघ ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को अपने राजनीतिक संवाद प्रभाग का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति मानसरोवर और तिब्बत को चीन के कब्जे से मुक्त कराने के संघ के मूल उद्देश्य को और अधिक गति प्रदान करेगी।
भारत तिब्बत समन्वय संघ की स्थापना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूज्य सरसंघचालक स्व. प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया), तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा, स्व. अ. भा. प्रचार प्रमुख अधीश और संत देवरहा हंस बाबा की प्रेरणा से हुई थी। वर्तमान में संघ के राष्ट्रीय संरक्षक पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व कुलपति प्रो. प्रयाग दत्त जुआल हैं। संघ का प्राथमिक लक्ष्य भगवान भोलेनाथ के मूल स्थान मानसरोवर और पूरे तिब्बत को चीन के अवैध आधिपत्य से मुक्त कराना है।
सांसदों से मिलेंगे उपासने, मांगेंगे समर्थन
अपनी नियुक्ति के बाद, उपासने ने घोषणा की कि वे 17 से 22 अगस्त तक दिल्ली में प्रवास करेंगे। इस दौरान वे केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों और देशभर के सांसदों से मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य मानसरोवर को भारत में शामिल करने के लिए सांसदों के संकल्प और समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर प्राप्त करना है। पर्याप्त समर्थन मिलने के उपरांत, उपासने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भेंट कर इस मामले में शासन स्तर पर पहल करने की अपील करेंगे।
शिवभक्तों से जुड़ने की अपील
उपासने ने इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन देने के लिए देशभर के शिवभक्तों से मार्मिक अपील की है। उन्होंने सभी से इस पवित्र कार्य से जुड़ने और प्रतिदिन संकल्प लेने का आह्वान किया है, ताकि भगवान भोलेनाथ का पवित्र धाम मानसरोवर एक बार पुनः भारत के अधिकार में आ सके। यह अभियान न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय गौरव और भू-राजनीतिक महत्व का भी विषय है।






