रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई है। विशेष रूप से बस्तर संभाग के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जबकि रायपुर समेत अन्य स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम संबंधी यह जानकारी कृषि, आम जनजीवन व यात्रा योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
वर्तमान मौसम का कारण: मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक अवदाब (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों के भीतर यह सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है।
मानसून द्रोणिका भी सक्रिय
मौसम द्रोणिका औसत समुद्र तल पर बीकानेर, सीकर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, सीधी, डाल्टनगंज, पुरुलिया, कोंटई होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की संभावना बनी हुई है।
आने वाले दिनों में बारिश का पूर्वानुमान
प्रदेश में 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं, एक-दो स्थानों पर वज्रपात और भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है।
बस्तर संभाग में भारी वर्षा की चेतावनी
आगामी 5 दिनों तक बस्तर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने के संकेत मिले हैं। यह स्थिति निचले इलाकों में जलभराव का कारण बन सकती है, हालांकि किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है।
पिछले 24 घंटों में कहां हुई कितनी बारिश
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान सुकमा में सबसे अधिक 8 सेमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मुंगेली, बीजापुर, अहिवारा, मस्तूरी, सुहेला व कोंटा आदि स्थानों पर 4 से 5 सेमी तक बारिश हुई। अधिकतम तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में 34.0°C दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान दुर्ग में 20.8°C रहा।
रायपुर का मौसम
राजधानी रायपुर में 19 जुलाई को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा और एक-दो बार बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। यह बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं स्थानीय प्रशासन को जलभराव और वज्रपात जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है। नागरिकों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।









