
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र 35 किलोमीटर दूर सारागांव के रायखेड़ा बांगोली नामक गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां लगभग एक दर्जन से ज़्यादा गौवंश मृत पाए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने उन गौ सेवकों और हिंदू संगठनों को आक्रोशित कर दिया है, जिन्होंने कुछ ही दिन पहले ‘गौ न्याय पदयात्रा’ निकाली थी।
चौंकाने वाला मामला: एक दर्जन गौवंश मृत
गुरुवार को रायखेड़ा बांगोली गांव में ग्रामीणों ने लगभग एक दर्जन से अधिक गौवंश को मृत अवस्था में देखा। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ गौवंश की मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों और गौ प्रेमियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सरपंच पर जहरीले मशरूम खिलाने का आरोप
इस घटना के बाद हिंदू महासभा रायपुर के जिला महामंत्री लवकुश गुप्ता ने गांव के सरपंच दिनेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुप्ता ने दावा किया है कि सरपंच दिनेश ने गौवंश को जहरीले मशरूम खिलाकर मारा है। यह आरोप बेहद संगीन है और इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है।
पहले भी दी थी धमकी, गांव वालों की चेतावनी को किया था अनदेखा
लवकुश गुप्ता के अनुसार, बीते दिनों पहले गांव वालों ने सरपंच दिनेश को खराब मशरूम गौवंश को देने से मना किया था। तब सरपंच ने स्थानीय निवासियों से बहस बाजी की थी और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर अपराध दर्ज कराने की धमकी भी दी थी। आरोप है कि सरपंच की इसी अनदेखी और मनमानी का नतीजा है कि आज इतने गौवंश की मौत हो गई।
‘गौ न्याय पदयात्रा’ के बाद भी नहीं रुके गौ हत्या के मामले
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले रायपुर के समस्त गौ सेवक, आदेश सोनी एवं हिंदू महासभा के नेतृत्व में गौ न्याय पदयात्रा निकाले थे। इस पदयात्रा का उद्देश्य गौवंश पर हो रहे अत्याचारों को रोकना और उन्हें न्याय दिलाना था। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की मौत ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिंदू महासभा ने उठाई न्याय की मांग
हिंदू महासभा रायपुर महानगर ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और न्याय की मांग उठाई है। उन्होंने प्रश्न किया है, “गौ हत्या की क्या सजा मिलेगा? विष्णु के सुशासन में गऊ हत्या का जिम्मेदार कौन? बेजुबान को क्या इंसाफ मिलेगा?” हिंदू महासभा ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









