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महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने खत्म की प्रमाणन लागत
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नासिक और जालंधर की कंपनियों ने पेश की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार की मिसाल
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए जेडईडी (जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट) प्रमाणन पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का बड़ा कदम उठाया है। इस पहल का उद्देश्य महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और विनिर्माण में गुणवत्ता व स्थिरता सुनिश्चित करना है।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित फाइनक्स इंडस्ट्रीज ने जेडईडी सिल्वर प्रमाणन प्राप्त करने के बाद खराब गुणवत्ता की लागत में 11 प्रतिशत की कमी की है। कंपनी ने कार्यस्थल सुरक्षा और संसाधन उपयोग में भी सुधार किया है। वहीं, पंजाब के जालंधर की कॉन्सेप्ट क्लोथिंग ने जेडईडी प्रक्रियाओं को अपनाकर कार्यस्थल दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत और मरम्मत के समय में 50 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की है।
गुणवत्ता मानकों से बढ़ी वैश्विक साख
मंत्रालय की इस योजना के तहत अब तक लगभग 9.49 लाख एमएसएमई पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 6.67 लाख को ब्रॉन्ज, 6,700 को सिल्वर और 4,800 को गोल्ड प्रमाणन प्रदान किया गया है। सरकार ने अब तक उद्यमों को टिकाऊ विनिर्माण पद्धतियां अपनाने के लिए 913 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे घरेलू और वैश्विक बाजारों में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।
भविष्य की राह और अतिरिक्त प्रोत्साहन
देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने जेडईडी को अपनी औद्योगिक नीतियों में शामिल कर लिया है। इसके अलावा 19 वित्तीय संस्थान अब प्रमाणित उद्यमों को ब्याज दरों में छूट जैसे लाभ दे रहे हैं। 11 नवंबर 2023 से प्रभावी 100 प्रतिशत सब्सिडी का यह प्रावधान महिला उद्यमियों के लिए लागत की बाधा को खत्म कर उन्हें बड़े व्यावसायिक अवसरों के लिए तैयार कर रहा है।









