- पंचायत सचिवों के समर्थन में नप उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने मुख्यमंत्री से की चर्चा
रायपुर/जशपुरनगर:
प्रदेश के पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर 18 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सचिवों की हड़ताल के चलते पंचायतों का समस्त कार्य प्रभावित हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सचिवों को हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। इसके बावजूद सचिव संघ अपनी मांगों पर अडिग है। शनिवार को सचिवों ने सरकार के आदेश की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
इसी कड़ी में जशपुर नगर पालिका के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने रायपुर में मुख्यमंत्री से भेंट की और पंचायत सचिवों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की। जूदेव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सचिवों की मांगों को गंभीरता से लेकर शीघ्र निराकरण किया जाए। इस दौरान यश प्रताप सिंह जूदेव ने पंचायत सचिव संघ की ओर से एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा।
क्या है पंचायत सचिवों की मांग
पंचायत सचिवों का कहना है कि वर्ष 2023-24 के विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया गया था। यह गारंटी 1995 से कार्यरत सचिवों के लिए दी गई थी। मुख्यमंत्री ने इस गारंटी को पूरा करने हेतु समिति गठन की घोषणा की थी, जिसके अनुसार 16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने समिति का गठन कर 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा था। समिति ने सचिवों के शासकीयकरण संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया है।
सचिवों को पूरी उम्मीद थी कि बजट सत्र में इस रिपोर्ट के आधार पर शासकीयकरण की सौगात दी जाएगी। लेकिन बजट सत्र में इसे शामिल न किए जाने और किसी प्रकार की पहल न होने से पूरे प्रदेश के सचिव क्षुब्ध और आक्रोशित होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।






