14 सितम्बर 2026 |
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया अरनमुला वल्लमकली का आगाज़: केरलम की विरासत को बताया गौरव, 'विकास भी-विरासत भी' पर दिया जोर

OM Darpan

Aug 31, 2026 12:25 am 530 views
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने किया अरनमुला वल्लमकली का आगाज़: केरलम की विरासत को बताया गौरव, 'विकास भी-विरासत भी' पर दिया जोर
  • पंबा नदी पर उपराष्ट्रपति ने 'केरलम' नाम पर दी बधाई, भगवान अय्यप्पा के आशीर्वाद और सांस्कृतिक एकता का किया जिक्र

✍️ डिजिटल डेस्क अरनमुला (केरलम) | उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज पंबा नदी पर भव्य अरनमुला उथ्रित्तथी वल्लमकली का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने इस उत्सव को केरलम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अटूट भक्ति और शाश्वत परंपराओं का एक गौरवशाली प्रतीक करार दिया। राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' किए जाने पर जनता को बधाई देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में उन्हें हाल ही में संपन्न सत्र के दौरान इस बदलाव से जुड़े विधेयक को पारित कराने का सौभाग्य मिला था। उन्होंने ओणम के पावन पर्व पर भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सी.पी. राधाकृष्णन ने अरनमुला वल्लमकली को टीम वर्क, अनुशासन और खेल भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि खूबसूरती से सजी पल्लियोडम नावों में सौ से अधिक नाविकों का लयबद्ध तरीके से नौका चलाना प्रेरणादायक है। पंबा नदी के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने इसे सबरीमाला तीर्थयात्रा का अभिन्न अंग और आस्था व पवित्रता का प्रतीक बताया। अपनी सात सबरीमाला तीर्थयात्राओं को याद करते हुए उन्होंने साझा किया कि संसद सदस्य के रूप में नामांकन से पहले की उनकी पहली यात्रा विशेष थी और वे भगवान अय्यप्पा के आशीर्वाद को अपनी चुनावी जीत का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं। विरासत के महत्व पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने प्राचीन श्री पार्थसारथी मंदिर और विश्व प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त अरनमुला कन्नाडी की विशिष्टता का उल्लेख किया। उन्होंने पिछले वर्ष उपराष्ट्रपति आवास पर आयोजित कार्यक्रमों में अतिथियों को अरनमुला कन्नाडी भेंट करने के अनुभव साझा किए, जिसकी कारीगरी की काफी सराहना हुई थी। उन्होंने भावी पीढ़ियों के लिए पारंपरिक कलाओं, शिल्पों और प्राचीन ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले लोगों का इन परंपराओं के लिए वापस लौटना यह दर्शाता है कि कैसे सांस्कृतिक विरासत लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ती है। परंपरा और आधुनिकता के समन्वय पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकास भी, विरासत भी' का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के विविध त्योहार देश की सांस्कृतिक एकता की शक्ति हैं और यह विविधता विभाजन नहीं बल्कि मजबूती का स्रोत है। इस गरिमामय कार्यक्रम में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन, जल संसाधन मंत्री मॉन्स जोसेफ, सांसद एंटो एंटनी और अरनमुला के विधायक अभिन वर्की सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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