14 सितम्बर 2026 |
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"क्या ईरान ने भारत के सामने रखी कोई 'गुप्त शर्त'? विदेश मंत्रालय के इस बड़े खुलासे से मची खलबली!"

OM Darpan

Mar 18, 2026 07:53 am 206 views
"क्या ईरान ने भारत के सामने रखी कोई 'गुप्त शर्त'? विदेश मंत्रालय के इस बड़े खुलासे से मची खलबली!"
  • पश्चिम एशिया जंग: भारत ने 'जहाज के बदले मार्ग' की खबरों को बताया बेबुनियाद, विदेश मंत्रालय का बड़ा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने अपनी नीति और स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले में अपने तीन जब्त तेल टैंकरों को छोड़ने की मांग रखी है। मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह 'बेबुनियाद' करार दिया है।

कोई गुप्त चर्चा नहीं हुई: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और ईरान के अधिकारियों के बीच इस तरह की किसी भी शर्त या मार्ग को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन तीन जहाजों का जिक्र अंतरराष्ट्रीय खबरों में किया जा रहा है, वे न तो ईरान के स्वामित्व वाले हैं और न ही उन पर कोई ईरानी चालक दल सवार है।

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'जहाज और टैंकर' का अंतर स्पष्ट किया

प्रवक्ता जायसवाल ने मीडिया रिपोर्टों की तथ्यात्मक त्रुटियों को सुधारते हुए कहा, "ऐसी खबरें निराधार हैं। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि भारतीय और ईरानी अधिकारियों के बीच इस तरह का कोई संवाद नहीं हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये टैंकर नहीं, बल्कि जहाज हैं।"

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत के तटीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले तीन तेल टैंकरों को फरवरी में रोका था, जिनका कथित संबंध ईरान से बताया गया था। दावों के मुताबिक, भारत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अपने 20 से अधिक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के संपर्क में है।

फंसे हुए जहाजों की वापसी प्राथमिकता

एक अन्य सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार ईरान और अन्य संबंधित देशों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। वर्तमान में कई जहाज अब भी होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता उन सभी जहाजों और चालक दल को सुरक्षित वापस घर लाना है।

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