8 अक्टूबर 2026 |
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अवैध संबंधों और बदले की आग में रिश्तेदार ने ही कराई शीशपाल की हत्या, अलीगढ़ से शूटर बुलाकर दी वारदात को अंजाम

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OM Darpan

Nov 13, 2024 10:00 am 167 views
अवैध संबंधों और बदले की आग में रिश्तेदार ने ही कराई शीशपाल की हत्या, अलीगढ़ से शूटर बुलाकर दी वारदात को अंजाम
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  बुलंदशहर। डिबाई थाना क्षेत्र के जलालपुर जट गांव में पिछले दिनों हुई शीशपाल की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी शीशपाल का चाचा रामेश्वर ही निकला, जिसने अलीगढ़ के तीन शूटरों के जरिए हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने रामेश्वर और तीन अन्य हत्यारोपियों को हत्या में इस्तेमाल हथियारों के साथ गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने जानकारी दी कि सात नवंबर की रात शीशपाल का शव डिबाई थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर जट में ईंट भट्टे के पास खेत में पाया गया था। शीशपाल के गले को रेतकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें शीशपाल के चाचा रामेश्वर, अलीगढ़ के अतरौली गांव निवासी शैलेंद्र और विवेक, तथा मौसमपुर के पुष्पेंद्र के नाम सामने आए। मंगलवार सुबह पुलिस टीम ने त्रिलोकपुर रोड पर आम के बाग के पास इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए। इनके निशानदेही पर मृतक का जला हुआ मोबाइल और कमीज भी बरामद हुई।

गलत चाल-चलन से बिगड़े रिश्ते, चाचा ने दी हत्या की सुपारी

एसएसपी के अनुसार, शीशपाल के चाल-चलन के कारण परिजनों में काफी रोष था। शीशपाल शराब के नशे में अपने चाचा रामेश्वर की पुत्री के साथ अभद्रता कर चुका था, जिसका विरोध करने पर उसने मारपीट भी की थी। इसके अलावा, शीशपाल के अपने ही रिश्तेदार शैलेंद्र की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। इन सब वजहों से रामेश्वर ने शैलेंद्र, विवेक और पुष्पेंद्र को एक लाख रुपये में शीशपाल की हत्या करने की सुपारी दी।

महिला बनकर दी 'सोना-बाबू' के नाम से झांसे की साजिश

हत्या की योजना के तहत, शैलेंद्र ने वॉट्सएप पर एक युवती के रूप में शीशपाल से संपर्क किया। कई दिनों तक उससे बातचीत करने के बाद, सात नवंबर की रात उसे जलालपुर जट के ईंट भट्टे के पास मिलने के लिए बुलाया। शैलेंद्र ने महिला के वेश में खेत में बैठकर शीशपाल को अपनी ओर बुलाया, और उसे भरोसा दिलाने के लिए कहा कि "मैं तुम्हारी सोना-बाबू हूं, जो घूंघट में खेत में बैठी हूं।" इस झांसे में आकर शीशपाल मौके पर आ गया, जहां शैलेंद्र, विवेक और पुष्पेंद्र ने मिलकर उसकी गला रेतकर हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए।

रिश्तेदार ही बना बिचौलिया, किश्तों में दी रकम

एसएसपी ने बताया कि हत्या का सौदा कराने में रिश्तेदार ने बिचौलिये की भूमिका निभाई थी। हत्यारोपियों को यह रकम किश्तों में दी गई, जिसमें आखिरी बार 40 हजार रुपये दिए गए। गिरफ्तार आरोपियों से 12 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। फिलहाल, फरार बिचौलिये की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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