14 सितम्बर 2026 |
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फर्जी वोटिंग का अब होगा खात्मा? मतदान में अंगूठे और आंखों से पहचान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और चुनाव आयोग को बड़ा नोटिस

OM Darpan

Apr 13, 2026 06:57 pm 202 views
फर्जी वोटिंग का अब होगा खात्मा? मतदान में अंगूठे और आंखों से पहचान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और चुनाव आयोग को बड़ा नोटिस

नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।

देश में होने वाले चुनावों में फर्जी और डुप्लीकेट वोटिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में एक अहम याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मतदान केंद्रों पर फिंगर और आईरिस (आंखों की पुतली) आधारित बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मतदान केंद्रों पर इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक अपनाने से फर्जी मतदान, डुप्लीकेट वोटिंग और घोस्ट वोटिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है।

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आगामी विधानसभा चुनावों में लागू करना संभव नहीं: पीठ

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट किया कि याचिका में जिस व्यवस्था की मांग की गई है, उसे तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से फिलहाल आने वाले विधानसभा चुनावों में तुरंत लागू नहीं किया जा सकता है। हालांकि, अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण और विचार करने योग्य मुद्दा है। पीठ ने कहा कि इस बात की जांच करने की सख्त जरूरत है कि क्या आगामी लोकसभा या भविष्य के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की पारदर्शी प्रणाली अपनाई जा सकती है।

चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता हो रही प्रभावित

याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अपनी याचिका में उल्लेख किया है कि चुनावों में रिश्वत, अनुचित प्रभाव, फर्जी पहचान और डुप्लीकेट व घोस्ट वोटिंग जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। ये कमियां चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं, जिससे देश के नागरिकों को व्यापक नुकसान उठाना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस अहम मामले में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और कई संबंधित राज्यों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना चाहा है। अदालत अब इस मामले में सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद आगे की विस्तृत सुनवाई करेगी।

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