14 सितम्बर 2026 |
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रघुवंशी हत्याकांड : आरोपी पत्नी की जमानत बरकरार रहने से परिवार को लगा गहरा सदमा, अब सुप्रीम कोर्ट में दी जाएगी चुनौती

OM Darpan

Jul 01, 2026 08:02 pm 425 views
रघुवंशी हत्याकांड : आरोपी पत्नी की जमानत बरकरार रहने से परिवार को लगा गहरा सदमा, अब सुप्रीम कोर्ट में दी जाएगी चुनौती
 

  • मेघालय हाईकोर्ट के फैसले से भारी मायूसी

  • शिलॉन्ग पुलिस और सरकार पर अविश्वास

  • अपराधी महिलाओं का हौसला बढ़ने का डर

  • कानूनी लड़ाई में आर्थिक असमानता का आरोप

  इंदौर/शिलॉन्ग।  बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मेघालय हाईकोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के फैसले ने पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है। 29 जून को आए इस अदालती फैसले के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश और निराशा व्याप्त है। न्याय की आखिरी उम्मीद के साथ अब पीड़ित परिवार ने देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अब शिलॉन्ग पुलिस और मेघालय सरकार की कार्यप्रणाली से कोई उम्मीद नहीं बची है, इसलिए वे इस फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती देंगे।

समाज में गलत संदेश जाने का डर

भाई विपिन रघुवंशी ने हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी निराशा और दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब हाईकोर्ट में किसी भी प्रकार की अपील करने के बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहां उनकी मुख्य मांग आरोपी सोनम की जमानत को तत्काल रद्द करने की होगी। विपिन ने इस फैसले के सामाजिक परिणामों पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी राहत से अपराधी प्रवृत्ति की महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने पुणे में हुए एक अन्य हत्याकांड का हवाला देते हुए बताया कि सोनम के मामले से प्रेरित होकर ही वहां सिया नामक युवती ने अपने मंगेतर केतन की हत्या कर दी। उनका मानना है कि यदि ऐसे गंभीर मामलों में आरोपियों को आसानी से जमानत मिलती रही, तो समाज में अपराधों को बढ़ावा मिलेगा।

वकीलों की भूमिका और आर्थिक पक्ष पर सवाल

न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आने वाली चुनौतियों पर बात करते हुए भाई विपिन रघुवंशी ने वकीलों की भूमिका पर भी तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी सोनम के वकील उसे बेल दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, क्योंकि उन्हें इसके लिए भारी-भरकम फीस मिल रही है। दूसरी ओर, राजा की तरफ से पैरवी कर रहे वकीलों को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है, जिसके कारण वे अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष नहीं रख पा रहे हैं। विपिन के अनुसार, इसी आर्थिक असमानता का फायदा आरोपी पक्ष उठा रहा है, जो न्याय की राह में एक बड़ी बाधा बनकर उभरा है।

हनीमून के दौरान रची गई थी खौफनाक साजिश

गौरतलब है कि इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। दोनों हनीमून मनाने के लिए मेघालय गए थे, जहां से अचानक लापता हो गए। बाद में राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ था, जिसके शरीर पर चोट के गहरे निशान हत्या की गवाही दे रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया था। पुलिस चार्जशीट के अनुसार, सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर राजा की हत्या की सुनियोजित साजिश रची और उसे अंजाम दिया। फिलहाल, पीड़ित परिवार इस पूरे मामले में अंतिम सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहा है।
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