भिलाई। (Om Darpan News):
नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) का मामला और एग्जामिनेशन में हो रही धांधली को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश और निराशा है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भिलाई के एक कोचिंग संस्थान में जाकर नीट की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उनकी पीड़ा जानी। छात्रों की व्यथा सुनने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
नीट पेपर लीक: छात्रों का टूटता आत्मविश्वास
विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि वे भिलाई स्थित एक संस्थान में गए थे, जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कराई जाती है। उन्होंने बारी-बारी से छात्रों का हालचाल जाना और उनकी परेशानियां सुनीं। छात्रों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि नीट पेपर लीक होने से उनका मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। विधायक ने इस बातचीत का वीडियो भी साझा किया है।
एक छात्र ने विधायक को बताया कि उसे पूरा आत्मविश्वास था कि वह इस बार नीट एग्जाम बहुत अच्छे से पास कर लेगा। लेकिन जैसे ही उसे पेपर लीक और री-एग्जामिनेशन के मामले का पता चला, उसके साथ एक बड़ी ट्रेजडी हो गई। जब विधायक ने पूछा कि अब वह क्या कर रहा है, तो छात्र ने कहा कि पढ़ाई का वह “मोमेंटम टूट गया है।” परिवार के ढांढस बंधाने के बावजूद अब पढ़ाई में उसका मन नहीं लग रहा है। पहले वह 15 से 18 घंटे जमकर मेहनत कर रहा था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं रही।
18-18 घंटे की पढ़ाई और फिर से लीक का डर
मुलाकात के दौरान एक छात्रा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि नीट पेपर लीक होने से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है। हालांकि उसने हार नहीं मानी है और उसी आत्मविश्वास के साथ फिर से तैयारी कर परीक्षा क्लियर करने का जज्बा रखती है। लेकिन उसके मन में एक बड़ा डर बैठ गया है। छात्रा ने सवाल उठाया कि “क्या इस बार सब ठीक होगा? क्या अब फिर से दोबारा पेपर लीक तो नहीं होगा?”
छात्रों के मन में यह खौफ है कि वे सालों तक पूरी मेहनत से परीक्षा देते हैं, और एक झटके में उनकी मेहनत बर्बाद हो जाती है। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों और युवाओं में लगातार गुस्सा देखने को मिल रहा है।
जमीन बेचकर भरी थी फीस, अब सब खत्म
विधायक से चर्चा के दौरान एक ऐसा छात्र भी मिला जिसकी कहानी सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। छात्र ने बताया कि उसके माता-पिता ने अपनी जमीन बेचकर उसकी कोचिंग की फीस भरी थी। उसे भिलाई जैसे शहर में पढ़ने के लिए सिर्फ इसलिए भेजा गया था ताकि उसका करियर बन सके।
लेकिन पेपर लीक होने के बाद अब ना तो उसकी कोचिंग की फीस वापस होगी और ना ही उसके पास दोबारा परीक्षा देने या तैयारी करने के लिए पैसे बचे हैं। जो भी पैसे थे, वे पूरे खर्च हो चुके हैं। सुविधा और संसाधनों के अभाव में वह छात्र पूरी तरह से निराश हो चुका है और अपनी उम्मीद व आत्मविश्वास खो बैठा है।
विधायक देवेंद्र यादव का केंद्र पर तीखा हमला
छात्रों की इस रुला देने वाली स्थिति को देखने के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने डबल इंजन की सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने देश की सरकार से अपील करते हुए साफ शब्दों में कहा, “युवा सब देख रहे हैं। जिनके माध्यम से नीट पेपर लीक हुआ है, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।”
विधायक ने आरोप लगाया कि इस मामले में बड़े और जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है और सिर्फ एक-दो लोगों को पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है। इससे युवाओं में भारी आक्रोश है। वे डरे हुए हैं कि 18-18 घंटे पढ़ाई करने के बाद भी अगर दोबारा पेपर लीक हो गया तो उनका क्या होगा। विधायक देवेंद्र यादव ने स्पष्ट मांग की है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और सभी जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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