दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
नगर निगम दुर्ग में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज नगर निगम दुर्ग के प्रशासक के रूप में पदभार ग्रहण किया। निगम परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब आगामी महापौर के चुनाव तक नगर निगम के सभी प्रशासनिक कार्य प्रशासक द्वारा संचालित किए जाएंगे।
सुबह 11 बजे कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने निगम मुख्यालय में प्रशासक का पदभार संभाला। इस दौरान निगम के कमिश्नर सुमित अग्रवाल व कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर ने निगम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और निगम की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

प्रशासक के रूप में कार्यभार ग्रहण समारोह में कई गणमान्य लोग उपस्थित
इस अवसर पर निगम के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, पूर्व एमआईसी सदस्य अब्दुल गनी, संजय कोहले, दीपक साहू, भोला महोविया, राज कुमार नारायणी, विजेंद्र भारद्वाज और भास्कर कुंडले मौजूद थे। इसके अलावा निगम के उपायुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता मोहन पूरी गोस्वामी, दिनेश नेताम, आरके जैन, गिरीश दीवान, वीपी मिश्रा और आरके बोरकर समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
प्रशासक को मिलेंगी सभी अधिकार
निगम के प्रशासक के तौर पर अब कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ही सभी प्रशासनिक फैसले लेंगी। महापौर और एमआईसी के कार्यकाल समाप्त होने के कारण अब निगम के हर फैसले का अंतिम अधिकार प्रशासक के पास होगा। प्रशासक के कार्यकाल में निगम की सामान्य सभा और एमआईसी द्वारा लिए जाने वाले फैसले भी प्रशासक द्वारा लिए जाएंगे।
जब तक आचार संहिता लागू नहीं होती, सभी आवश्यक कार्य, विकास योजनाएं और टेंडर प्रक्रिया प्रशासक द्वारा संचालित की जाएगी। हालांकि आचार संहिता लागू होने के बाद नए कामों पर रोक लग जाएगी।
पुरानी परिषद का कार्यकाल समाप्त
नगर निगम दुर्ग की पुरानी परिषद का कार्यकाल 05 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया। पांच साल पहले 06 जनवरी को परिषद ने शपथ ली थी और निर्धारित अवधि के पूरा होने पर राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है।
कलेक्टर और नगर निगम के प्रशासक सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि निगम प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से चलाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसेवाओं में कोई बाधा न आए और निगम के कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।










