Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

ईरान-US विवाद में कूदे पाकिस्तान की खुली पोल! शशि थरूर का बड़ा दावा- “पाकिस्तानी PM के ट्वीट भी लिख रहा अमेरिका…….. पढ़े पुरी खबर

Shashi Tharoor

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Listen to this article

नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर भारत में उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्थिति स्पष्ट की है। थरूर ने कहा है कि इस मामले में मध्यस्थता को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह की कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि दोनों देशों की परिस्थितियां बिल्कुल अलग-अलग हैं।

अमेरिका के इशारे पर काम कर रहा पाकिस्तान: थरूर

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच जो मध्यस्थता कर रहा है, वह दरअसल अमेरिका के दबाव और इशारे का नतीजा है। थरूर ने कहा, “पाकिस्तान के अमेरिका के साथ जिस तरह के रिश्ते हैं, उसमें वॉशिंगटन ने ही उनसे ऐसा करने को कहा है।”

थरूर ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ऐसे भी आरोप हैं कि अमेरिका ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को उनका सोशल मीडिया (X) पोस्ट भी लिखकर दिया है। उन्होंने बताया कि उस पोस्ट की हेडिंग ही ‘ड्राफ्ट: एक्स पर पाकिस्तान के पीएम का मैसेज’ थी। पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा पूरी तरह वॉशिंगटन की थी और कुछ शब्द तो ऐसे थे जिनका इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप किया करते थे। थरूर के मुताबिक, पाकिस्तान जो भूमिका निभा रहा है, वह केवल वही कर सकता है।

मध्यस्थता भी पाकिस्तान की थी मजबूरी  

थरूर ने पाकिस्तान की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय मजबूरियों का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान, ईरान का पड़ोसी देश है। उनकी 900 किलोमीटर लंबी सीमा आपस में जुड़ती है और पाकिस्तान में लगभग 4 करोड़ शिया आबादी रहती है। इसलिए उसका इस मध्यस्थता में शामिल होना एक स्वाभाविक और अलग विषय है। पाकिस्तान को यह भी डर है कि अगर ईरान में फिर से हमले हुए, तो वहां के शरणार्थी भागकर पाकिस्तान ही आएंगे।”

 गैस सप्लाई पर असर

भारत के रुख और हितों पर बात करते हुए थरूर ने कहा कि हर कोई सिर्फ शांति की उम्मीद कर रहा है। खाड़ी में चल रहे इस युद्ध का भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का हित युद्ध के खात्मे और शांतिपूर्ण समाधान में है।

थरूर ने चिंता जताते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते कतर और बहरीन जैसे देशों से भारत की प्राकृतिक और पेट्रोलियम गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा आता था, जो अब युद्ध के हालात के कारण मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिहाज से भी इस युद्ध का जारी रहना भारत के हित में नहीं है।

news paper editing
previous arrow
next arrow