चिंतागुफा (कौशल संदुजा)।
थाना चिंतागुफा क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां 04 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इन नक्सलियों पर वर्ष 2023 में दो ग्रामीणों की हत्या करने का आरोप है। यह सफलता थाना चिंतागुफा पुलिस बल और डीआरजी सुकमा की संयुक्त कार्यवाही का परिणाम है।
जिला सुकमा में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत, 8 जनवरी 2025 को थाना चिंतागुफा, डीआरजी और जिला बल की संयुक्त टीम ताड़मेटला के जंगल क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान ताड़मेटला के जंगल में कुछ संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।
पकड़े गए नक्सलियों में शामिल थे:
- सोड़ी देवा (सीएनएम सदस्य, दुलेड़ आरपीसी) – ग्राम ताड़मेटला, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
- माड़वी माड़ा (मिलिशिया सदस्य) – ग्राम ताड़मेटला, माडेमपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
- सोड़ी भीमा (मिलिशिया सदस्य, दुलेड़ आरपीसी) – ग्राम ताड़मेटला, स्कूलपारा, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
- मोटू उर्फ अश्विन उर्फ पोड़ियाम देवा (मिलिशिया सदस्य, मेट्टागुडेम आरपीसी) – ग्राम मेट्टागुड़ा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उनके अन्य नक्सल साथियों के साथ मिलकर ताड़मेटला के ग्रामीणों, कवासी सुक्का और माड़वी गंगा की हत्या की थी। दोनों को पुलिस मुखबिरी के आरोप में मोरपल्ली के जंगल में जन अदालत लगाकर मारा गया था।
इस घटना के संबंध में थाना चिंतागुफा में दो अलग-अलग मामले पहले से दर्ज किए गए थे:
- थाना चिंतागुफा, अप.क्र. 05/2023, धारा 147, 148, 149, 302, 343, 364, 25, 27 आर्म्स एक्ट और छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम 2005
- थाना चिंतागुफा, अप.क्र. 06/2023, धारा 147, 148, 149, 302, 343, 364, 25, 27 आर्म्स एक्ट और छत्तीसगढ़ विशेष सुरक्षा अधिनियम 2005
इन नक्सलियों पर पिछले एक वर्ष से फरार होने का आरोप था, जिन्हें 9 जनवरी 2025 को विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।







