सक्ती।
श्रावण के अंतिम सोमवार को सक्ती जिले के जोबा आनंद शीला आश्रम में एक ऐतिहासिक ‘शिव शक्ति रूद्र महाभिषेक’ एवं घर वापसी कार्यक्रम का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस दौरान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 35 धर्मांतरित परिवारों को सहसम्मान सनातन धर्म में वापस लाकर एक महत्वपूर्ण पहल की। यह कार्यक्रम धर्म सेना मातृशक्ति, सक्ती के तत्वावधान में 04 अगस्त 2025 को आयोजित किया गया।

घर वापसी का भावुक क्षण
पूजनीय संतों के सानिध्य में रूद्र महाभिषेक के उपरांत प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 35 धर्मांतरित परिवारों के पैर धोकर उन्हें सनातन धर्म में पुनः शामिल किया। यह क्षण सभी उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा।
आयोजन की शुरुआत तुर्रीधाम स्थित शिव मंदिर दर्शन और पूजन के साथ हुई, जिसमें प्रमुख अतिथियों ने सपरिवार भाग लिया। इसके बाद मंदिर समिति और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ आश्रम विकास और सामाजिक सहयोग पर गहन चर्चा की गई। जोरा धाम के मुख्य कार्यक्रम में आश्रम परिसर में स्वागत-सम्मान समारोह और मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए धर्माचार्य, बड़ी संख्या में मातृ शक्ति, पूजनीय संत गण, सामाजिक कार्यकर्ता और सनातन धर्म के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक किया गया, जिसमें समस्त अतिथियों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की।
धर्मांतरण पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव का कड़ा बयान
इस अवसर पर घर वापसी अभियान प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने धर्मांतरण के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सनातन को नष्ट करने में आतुर धर्मांतरण के एजेंट दुर्ग में जनजाति बेटियों का धर्म परिवर्तन करके उन्हें मानव तस्करी के जाल में फंसाते रंगे हाथ पकड़े गए। इसकी एनआईए/सीबीआई जांच हो ताकि इन पर कठोर कार्रवाई हो। आज का घर वापसी कार्यक्रम उन शैतानी शक्तियों के विरुद्ध आंदोलन का ऐलान है।”
राष्ट्र के पुनरुद्धार का आधार
जूदेव ने आगे कहा, “आज 35 परिवारों की घर वापसी के साथ उनकी आत्माओं का पुनरुद्धार हुआ है। यह राष्ट्र को पुनर्जीवित करने का आधार है। आज का आयोजन यह दर्शाता है कि जब समाज मिलकर एकजुट होता है तो धर्मांतरण जैसे संकटों का समाधान स्वतः निकल आता है। जो 35 परिवार आज पुनः सनातन की गोद में लौटे हैं, वह धर्म की विजय है, और हमारे अभियान का सार भी।”
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथा वाचिका दीदी प्रज्ञा भारती, झोबा आश्रम के संरक्षक स्वामी दिव्यानंद (ओम बाबा), स्वामी कौशलेन्द्र कृष्ण महाराज, अंजू जयनारायण गबेल (सनातन सेविका), आयुष शर्मा, परमहंस अग्रज, कपिल शास्त्री, आचार्य राकेश, राजा सक्ति धर्मेंद्र सिंह सहित अनेक धर्माचार्य और सहयोगीगण उपस्थित रहे।






