दुर्ग (ओमदर्पण न्यूज़)।
भारत की जनगणना 2027 को लेकर मैदानी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में शनिवार को दुर्ग के बीआईटी कॉलेज (ई ब्लॉक, द्वितीय तल) में फील्ड ट्रेनर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अभिजीत सिंह स्वयं प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशिक्षण की प्रक्रिया को बारीकी से परखा और उपस्थित फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना निदेशालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए कार्य संपादन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना जैसे राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण और वृहद कार्य में छोटी-छोटी सावधानियां रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
दक्षता पर निर्भर है जनगणना की गुणवत्ता
कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी गंभीरता के साथ यह प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपनी सभी शंकाओं का समाधान यहीं सुनिश्चित करें। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि आगामी चरण में जब वे जनगणनाकर्मियों को ट्रेनिंग दें, तो वह पूरी तरह से त्रुटिहीन हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे जनगणना कार्य की गुणवत्ता सीधे तौर पर इसी प्रशिक्षण की दक्षता पर निर्भर करती है, इसलिए प्रत्येक प्रशिक्षार्थी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी निष्ठा से काम करे।
नागरिक खुद भी दे सकेंगे अपनी जानकारी (Self Enumeration)
इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान नागरिकों द्वारा ‘स्वगणना’ (Self Enumeration) प्रक्रिया के माध्यम से अपनी जानकारी साझा करने के तरीके पर भी विस्तार से चर्चा की गई और इसकी तकनीकी जानकारी ट्रेनर्स को दी गई।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किए। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर सुमित अग्रवाल, एसडीएम उत्तम ध्रुव, नोडल अधिकारी मोहेंद्र साहू, आर.के. बोरकर, गौतम साहू और पंकज चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।






