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मानवता की मिसाल: हमसफर एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं था, फिर भी रोककर बीमार बच्चे को दी मेडिकल हेल्प; एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा

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OM Darpan

Nov 21, 2025 07:43 am 366 views
मानवता की मिसाल: हमसफर एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं था, फिर भी रोककर बीमार बच्चे को दी मेडिकल हेल्प; एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा
 
  • पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस के बी-2 कोच में एक साल के बच्चे को हो रही थी उल्टियां

  • रेलवे ने दिखाई संवेदनशीलता

बिलासपुर/चांपा.

बिलासपुर रेल मंडल में बुधवार को रेलवे प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक मामला सामने आया। पुरी से इंदौर जा रही गाड़ी संख्या 20918 (हमसफर एक्सप्रेस) में सफर कर रहे एक बीमार शिशु की जान बचाने के लिए रेलवे ने नियमों से हटकर फैसला लिया। ट्रेन का चांपा स्टेशन पर ठहराव नहीं होने के बावजूद, अधिकारियों ने गाड़ी को वहां रुकवाया और बच्चे को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

बी-2 कोच में बिगड़ी थी तबीयत

घटनाक्रम के मुताबिक, हमसफर एक्सप्रेस के बी-2 कोच की सीट नंबर 40 पर एक महिला यात्री अपने एक वर्षीय शिशु के साथ यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं। महिला यात्री ने घबराकर इसकी सूचना तत्काल कोच में मौजूद टीटीई एन. बिश्वास को दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीटीई ने तुरंत बिलासपुर वाणिज्य कंट्रोल को संदेश भेजा।

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कंट्रोल रूम ने जारी किया मेमो

सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया। चूंकि चांपा स्टेशन पर इस ट्रेन का निर्धारित स्टॉपेज नहीं है, इसलिए वाणिज्य कंट्रोल ने कोचिंग कंट्रोल के साथ समन्वय कर तुरंत एक मेमो जारी किया। इसके तहत मानवीय आधार पर चांपा स्टेशन पर गाड़ी का अस्थायी ठहराव सुनिश्चित किया गया।

स्टेशन पर तैनात थी मेडिकल टीम

ट्रेन के चांपा स्टेशन पहुंचने से पहले ही वहां स्टेशन प्रबंधक और वाणिज्य विभाग के सुपरवाइजर इंतजाम के साथ मुस्तैद थे। ट्रेन रुकते ही बीमार बच्चे और उसकी मां को नीचे उतारा गया। स्टेशन के बाहर पहले से बुलाई गई एम्बुलेंस के जरिए बच्चे को नजदीकी सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू हो सका।

अधिकारियों ने कहा

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि रेल प्रशासन के लिए यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंट्रोल रूम और मैदानी अमले के आपसी समन्वय से बीमार बच्चे को समय पर मदद मिल सकी।

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