सीएम हेल्पलाइन-1076 से 88 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का हुआ निराकरण, मुख्यमंत्री ने सीधे हितग्राहियों से की बात
OM Darpan
नवा रायपुर
आम नागरिकों की समस्याओं का समय-बद्ध और प्रभावी समाधान ही सुशासन की असली पहचान है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन-1076 अब प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ा सहारा बन गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर इसके कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलेक्टरों से बात की और सीधे शिकायतकर्ताओं से उनका फीडबैक भी लिया।
2.31 लाख शिकायतें दर्ज, 88.85 प्रतिशत का समाधान
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का समाधान हो चुका है, जो कुल शिकायतों का 88.85 प्रतिशत है। फिलहाल प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस सफलता को अधिकारियों-कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का नतीजा बताया।
सीधे हितग्राहियों से जाना जमीनी हाल
मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के दमन साहू से बात की, जिनकी शिकायत के बाद गांव का खराब ट्रांसफॉर्मर बदला गया और 80-85 परिवारों को फिर से बिजली मिली। इसी तरह जशपुर के वीरेंद्र यादव को पीएम-आवास की रुकी हुई 55 हजार रुपये की किस्त महज दस दिनों में मिल गई। मुंगेली के तोरण साहू ने बताया कि शिकायत के बाद उनकी माताजी की नौ महीने से रुकी पेंशन फिर से शुरू हो गई है। सीएम ने इन त्वरित समाधानों पर गहरी संतुष्टि जताई।
आंकड़ों तक सीमित न रहे समाधान, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायत तभी बंद की जाए, जब नागरिक पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि बेहतर काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी प्रोत्साहित किए जाएंगे, लेकिन लापरवाही बरतने वालों की सख्त जवाबदेही तय होगी। बार-बार आ रही एक ही तरह की शिकायतों के मूल कारण का विश्लेषण कर व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश भी दिए गए।
दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचेगा हेल्पलाइन का प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग और दूरस्थ क्षेत्रों में 1076 का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों और उचित-मूल्य की दुकानों पर वॉल-पेंटिंग के जरिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत और विशेष सचिव रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
जरूरी खबरें
विज्ञापन