30 सितम्बर 2026 |
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सरगुजा: जमीनी बदलाव की कहानी : पंजीयन की नई व्यवस्था से आसान हुई रजिस्ट्री, मोबाइल पर मिला दस्तावेज, साविता को मिली दोहरी राहत

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OM Darpan

Sep 30, 2026 08:15 pm 651 views
पंजीयन की नई व्यवस्था से आसान हुई रजिस्ट्री, मोबाइल पर मिला दस्तावेज, साविता को मिली दोहरी राहत


सरगुजा। कभी संपत्ति की रजिस्ट्री और उसके बाद नामांतरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता था, लेकिन पंजीयन सेवाओं में हुए आधुनिक सुधारों से अब यह तस्वीर बदल रही है। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमकानी निवासी श्रीमती साविता पैंकरा ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान श्रीमती साविता पैंकरा ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया में काफी समय लगता था और कई बार एक दिन में काम पूरा नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था के तहत अब उनका पंजीयन कम समय में पूरा हो गया। महिला हितग्राही होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की विशेष रियायत मिली, जिससे रजिस्ट्री का खर्च आधा हो गया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से नागरिकों का समय और खर्च घटने के साथ कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग भी खत्म हो रही है।

ऑटोम्यूटेशन से तत्काल आगे बढ़ी नामांतरण प्रक्रिया

पंजीयन के बाद नामांतरण के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करने का लंबा इंतजार भी अब खत्म हो गया है। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था लागू होने से रजिस्ट्री होते ही राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ जाती है। श्रीमती साविता पैंकरा को भी इस सुविधा का सीधा लाभ मिला और पंजीयन के तुरंत बाद उनके नाम से नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई।

डिजिटल सुविधाओं ने आसान किया काम, मोबाइल पर मिली कॉपी

तकनीक के बढ़ते उपयोग से पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी है। अब आधार आधारित प्रमाणीकरण से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान सत्यापित की जाती है। साथ ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, नेट बैंकिंग व यूपीआई से ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रक्रिया पूर्ण होते ही साविता को रजिस्ट्री की प्रति सीधे उनके मोबाइल पर प्राप्त हो गई।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग सीधे हितग्राहियों से जुड़कर इन्हीं जमीनी बदलावों के अनुभव और सुझाव दर्ज कर रहा है, जिससे सेवाएं लगातार बेहतर हो रही हैं।

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