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निवेशकों से 40 करोड़ की ठगी, ईडी ने नेटवर्क को दबोचा

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OM Darpan

Nov 05, 2025 03:02 am 222 views
निवेशकों से 40 करोड़ की ठगी, ईडी ने नेटवर्क को दबोचा
 
  • 400 चेकबुक और 200 सिम कार्ड किए गए बरामद

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित करने के नाम पर जनता और निवेशकों से लगभग 40 करोड़ रुपये जुटाने वाले मेसर्स वरेनियम क्लाउड लिमिटेड और उसके प्रवर्तक हर्षवर्धन साबले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यालय जांच इकाई, नई दिल्ली के निर्देश पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत पिछले सप्ताह मुंबई में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई वित्तीय अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और आपराधिक आय के संदिग्ध शोधन के विश्वसनीय संकेतों के बाद की गई।

डिजिटल दावों के ज़रिए जीता भरोसा

जांच में सामने आया कि मेसर्स वरेनियम क्लाउड लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों ने सितंबर 2022 के अपने आईपीओ के जरिए लगभग 40 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनियों ने यह दावा किया था कि इस राशि का इस्तेमाल छोटे शहरों में एज डेटा सेंटर और डिजिटल लर्निंग सेंटर स्थापित करने में किया जाएगा। कंपनी ने खुद को डिजिटल मीडिया, ब्लॉकचेन और एडटेक के क्षेत्र में एक तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में पेश किया। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आईपीओ को बढ़ावा देने हेतु प्रमुख व्यावसायिक समूहों और मीडिया संस्थानों के नामों का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, निवेशकों से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और वादा की गई परियोजनाएं कभी शुरू नहीं हुईं।

धन का दुरुपयोग और 'पंप एंड डंप' योजना

जांच एजेंसियों के अनुसार, कंपनी द्वारा जुटाए गए धन का दुरुपयोग किया गया। टर्नओवर और बाज़ार मूल्य बढ़ाने के लिए झूठे लेनदेन और सर्कुलर मूवमेंट से धन शोधन किया गया। कारोबारी पैटर्न में कीमतों में कृत्रिम वृद्धि और उसके बाद शेयरों की भारी बिकवाली देखी गई, जो एक सुनियोजित 'पंप एंड डंप' योजना के अनुरूप थी। इस योजना के तहत, कंपनी के शेयरों को जानबूझकर भ्रामक दावों के ज़रिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और बाद में ऊंची कीमतों पर बेच दिया गया, जिससे जनता को भारी धोखा मिला और असली निवेशकों को नुकसान हुआ।

खच्चर खातों का विशाल नेटवर्क उजागर

तलाशी के दौरान जब्त की गई सामग्री के प्रारंभिक विश्लेषण से एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। सामने आया है कि जाली केवाईसी दस्तावेज़ों और नकली सिम कार्डों का उपयोग करके खोले गए खच्चर बैंक खातों का एक विशाल नेटवर्क मुंबई से संचालित किया जा रहा था। ईडी ने ऐसे खच्चर बैंक खातों से जुड़ी 400 से ज़्यादा चेकबुक और 100 से ज़्यादा दोहरे सिम वाले मोबाइल फ़ोनों में मौजूद 200 से ज़्यादा सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनमें से ज़्यादातर सिम कार्ड मुंबई के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे। इन खातों का इस्तेमाल 150 से ज़्यादा फ़र्ज़ी और नकली कंपनियों के ज़रिए धन की हेराफेरी और रूटिंग के लिए किया जाता था, ताकि अवैध धन की उत्पत्ति का पता न चल सके। तलाशी की कार्यवाही से लैपटॉप, हार्ड ड्राइव आदि जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनमें आपत्तिजनक सबूत मौजूद हैं। ईडी ने कई अन्य जुड़े हुए व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की है, जिनकी आगे की जाँच जारी है।
 
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